National Highway पर हादसों वाली जगहों को लेकर सख्त हुई सरकार, लापरवाही हुई तो ठेकेदारों पर लगेगा तगड़ा जुर्माना

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National Highway Accident Spot Rules: नेशनल हाईवे पर सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) परियोजनाओं के ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के लिए एक ढांचा तैयार किया है।National Highway Accident Spot Rules: देश में सड़क हादसों को कम करने और नेशनल हाईवे (National Highway) की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के लिए नया ढांचा तैयार किया है। इसके तहत हाईवे निर्माण करने वाले ठेकेदारों को दुर्घटनाओं से जुड़ी खामियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अगर सड़क निर्माण में कमी के कारण बार-बार गंभीर हादसे होते हैं, तो ठेकेदारों पर लाखों रुपये का जुर्माना लग सकता है।

पहली दुर्घटना के बाद मिलेगा 15 दिन का समय

नए नियमों के अनुसार, अगर किसी नेशनल हाईवे पर निर्माण संबंधी खामी के कारण हादसा होता है, तो ठेकेदार को उसे ठीक करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस दौरान ठेकेदार को जरूरी मरम्मत और सुरक्षा संबंधी सुधार करने होंगे।

अगर ठेकेदार तय समयसीमा के भीतर जरूरी सुधार नहीं करता है, तो सरकार उसके खर्च पर मरम्मत और सुधार का काम करवा सकती है। इसके अलावा, गंभीर लापरवाही या निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर ध्यान देना ठेकेदारों के लिए जरूरी होगा।दोबारा हादसा होने पर कितना लगेगा जुर्माना?

इस व्यवस्था में एक ही स्थान के आसपास बार-बार होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। अगर पहली दुर्घटना के एक साल के भीतर या उससे जुड़े सुधार कार्य पूरा होने की तारीख से अगले एक साल के भीतर, पहले हादसे की जगह के 500 मीटर के दायरे में निर्माण संबंधी खामी के कारण दूसरी दुर्घटना होती है, तो ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाएगा।

दूसरे हादसे में प्रत्येक मौत के लिए 25 लाख रुपये और गंभीर चोट के प्रत्येक मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं, अगर निर्धारित शर्तों के तहत तीसरी दुर्घटना भी निर्माण संबंधी खामियों के कारण होती है, तो जुर्माने की राशि बढ़ जाएगी। ऐसे मामले में प्रत्येक मौत के लिए 50 लाख रुपये और गंभीर चोट के प्रत्येक मामले में 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

सड़क सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर

नेशनल हाईवे पर खराब डिजाइन, निर्माण संबंधी कमियां या सुरक्षा उपायों की कमी दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाती हैं। नई व्यवस्था के जरिए ठेकेदारों को सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल दुर्घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खतरनाक स्थानों पर कमियों को दूर करने और भविष्य में हादसों की आशंका घटाने पर भी जोर देना है।

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