नई दिल्ली: 2024 के लोकसभा चुनाव में UPA के राजनीतिक नैरेटिव में ‘संविधान बचाओ’ का मुद्दा केंद्र में था। अगले साल होने वाले यूपी, पंजाब समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव से ठीक कुछ महीनों पहले ही केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2000 से अधिक मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा। अब ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने UPI के मुद्दे पर बीजेपी के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। सवाल यह है कि क्या UPI का यह मुद्दा कांग्रेस को वही व्यापक राजनीतिक नैरेटिव बनाने का मौका दे सकता है, जैसा उसने 2024 में संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे पर बनाने की कोशिश की थी?
राहुल गांधी ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI भुगतान पर MDR लगाने का रास्ता खोल दिया गया है और इसका बोझ आखिरकार दुकानदारों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के दबाव में ऐसा कर रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह भी दावा किया कि 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन संख्या में भले करीब 5 प्रतिशत हों, लेकिन UPI के कुल ट्रांजैक्शन मूल्य में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत है। हालांकि सरकार का कहना है कि MDR ग्राहक पर नहीं लगाया जाएगा।
खरगे ने भी खोला मोर्चा
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- ‘अब मोदी सरकार की लूट UPI तक पहुंच गई है। No fees on UPI को बदलकर अब 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर नौ फीस कर दिया गया है।’
उन्होंने आगे लिखा- ‘गगनचुंबी महंगाई से आम आदमी की जेब पहले ही खाली है। थोक महंगाई 10 प्रतिशत के करीब है और भाजपा सरकार ने जनता पर डिजिटल पेमेंट टैक्स लगाकर उनकी बची-कुची, बचत को भी तबाह करने की योजना बना दी है।’
‘संविधान खतरे’ वाले नैरेटिव से UPI तक
बीजेपी के खिलाफ यूपीए की मोर्चाबंदी के रुटीन को गौर करें तो 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी ने संविधान, आरक्षण और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में रखा था। ‘संविधान बचाओ’ का मैसेज कांग्रेस के चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा बना। 2025 में भी राहुल गांधी ने संविधान को लेकर बीजेपी और आएसएस पर तीखे आरोप लगाए।





































