बालाघाट पुलिस ने एक बार फिर अवैध रेत उत्खनन और रेत चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेत चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा है। 25 अप्रैल की सुबह पुलिस ने स्थानीय गोंगलई घाट क्षेत्र में अवैध रूप से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे लोगों के खिलाफ योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए 7 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की हैं। जानकारी के अनुसार पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी कि गोंगलई घाट क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है और रात तथा सुबह के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है। शिकायतों के बाद पुलिस ने पहले पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे का उपयोग किया। ड्रोन कैमरे के माध्यम से ट्रैक्टरों के आने-जाने के रास्तों को रिकॉर्ड किया गया और गतिविधियों पर नजर रखी गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने रणनीति तैयार कर संयुक्त टीम का गठन किया और गोंगलई घाट क्षेत्र में घेराबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 7 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लीं। हालांकि पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही कुछ ट्रैक्टर चालक और वाहन मालिक मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज के आधार पर फरार वाहन चालकों और मालिकों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जब्त किए गए वाहनों के संबंध में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
जिले में अवैध रेत उत्खनन और तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद थाना कोतवाली पुलिस, थाना ग्रामीण पुलिस और विशेष रूप से गठित टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर गोंगलई घाट से अवैध रूप से रेत परिवहन कर रही 7 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गोंगलई घाट से लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने रेत माफियाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई की योजना तैयार की। 25 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि गोंगलई घाट में अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। कार्रवाई को सफल बनाने और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। टीम ने ड्रोन कैमरों की मदद से ट्रैक्टरों के आने-जाने के रास्तों और घाट क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी। ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने दबिश की रणनीति तैयार की। योजना के तहत पुलिस टीम ने मौके पर छापामार कार्रवाई की, जहां अवैध रूप से रेत से भरी 7 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। जांच के दौरान सभी वाहनों में अवैध रूप से रेत भरी पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जब्त कर लिया। पुलिस ने सभी ट्रैक्टर मालिकों और चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(5), मध्यप्रदेश गौण खनिज अधिनियम तथा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
इन वाहनों को किया किया गया जब्त
पुलिस ने रेत घाट से पावरट्रैक – चेसिस नंबर TO53716327FN, पावरट्रैक – चेसिस नंबर T053548382BK, पावरट्रैक – चेसिस नंबर T053710862EN,महिंद्रा– चेसिस नंबर MBNSFAEBAJZG00646 ,पावरट्रैक – रजिस्ट्रेशन नंबर MP50AA1384, पावरट्रैक – चेसिस नंबर T053772204GP, पावरट्रैक – रजिस्ट्रेशन नंबर MP50A7848 को जब्त किया हैं । पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन और तस्करी के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










































