इंदौर: जिले के सहकार नगर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने वाली उसकी नवविवाहिता पत्नी सोनम रघुवंशी जेल से बाहर आ गई है। महज 10 महीने के भीतर मिली यह रिहाई सोनम की बेगुनाही की वजह से नहीं, बल्कि शिलांग पुलिस की उस कमजोर विवेचना की वजह से मिली है, जिसे सत्र न्यायालय ने सिरे से नकार दिया। कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि गिरफ्तारी से लेकर धाराओं के मिलान तक, हर कदम पर लापरवाही बरती गई।
पुलिस की वे 3 गलतियां जो सोनम के लिए वरदान बनीं
शिलांग के सत्र न्यायालय ने जमानत देते हुए पुलिस की फाइल में तीन बड़ी खामियां गिनाईं:
गिरफ्तारी का फॉर्म: पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण बताने वाला फॉर्म तकनीकी रूप से सही नहीं भरा था।
धाराओं का विरोधाभास: चालान में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग धाराएं लिख दी गईं, जिससे केस का आधार कमजोर हो गया।
ट्रायल में देरी: जांच और अदालती प्रक्रिया को समय पर पूरा करने में पुलिस नाकाम रही, जिसका सीधा लाभ आरोपी को मिला।










































