जिले की कांग्रेस राजनीति इन दिनों नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा को लेकर चर्चाओं का विषय बनी हुई है। लंबे समय से संगठन में नई जिम्मेदारियों के बंटवारे का इंतजार कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उत्सुकता उस समय और बढ़ गई, जब मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के कई जिलों की नई कार्यकारिणी को मंजूरी प्रदान कर दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की सहमति के बाद संगठन स्तर पर करीब 14 जिलों की जिला कार्यकारिणी की सूची को अंतिम रूप दिया गया और प्रदेश संगठन महासचिव संजय कामले द्वारा संबंधित जिलों की सूची जारी भी कर दी गई।
बालाघाट जिले की जिला कार्यकारिणी की सूची भी 23 अप्रैल को तैयार होकर स्वीकृत के बाद जिला अध्यक्ष को जारी कर दी गयी , लेकिन सूची जारी होने के बावजूद अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है। लगभग 24 घंटे से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी नामों की घोषणा नहीं होने से जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पार्टी कार्यालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से संगठन में नई नियुक्तियों की प्रतीक्षा की जा रही थी। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ता नई जिम्मेदारियों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन सूची सार्वजनिक नहीं होने से उनमें निराशा भी देखने को मिल रही है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि सूची तैयार हो कर आ गयी है तो उसे सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है, यह समझ से परे है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सूची को सार्वजनिक करने में हो रही देरी के पीछे संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी, आपसी समन्वय की कमी और पदों को लेकर असंतोष भी एक बड़ा कारण हो सकता है। चर्चा यह भी है कि कुछ नेता अपने समर्थकों को महत्वपूर्ण पद दिलाने के प्रयास में जुटे हुए हैं, जिसके चलते अंतिम सूची को रोककर रखा गया है। हालांकि इस विषय में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सूची आ गयी है और जल्द ही इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। उनका दावा है कि संगठन सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए संतुलित कार्यकारिणी बनाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि किसी भी वर्ग या क्षेत्र की उपेक्षा न हो। इस पूरे मामले में जब जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय उइके से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बातचीत नहीं हो सकी। उनके जवाब नहीं देने से कार्यकर्ताओं के बीच अटकलों का दौर और तेज हो गया है। जिले में कांग्रेस संगठन पहले ही आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों को लेकर सक्रिय होने की तैयारी कर रहा है। ऐसे समय में जिला कार्यकारिणी की घोषणा में हो रही देरी संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिरकार नई जिला कार्यकारिणी की सूची कब सार्वजनिक होगी और संगठन में किन चेहरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गयी हैं ।










































