महिलाओं ने निकाला विशाल शांति मार्च,राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर में जय स्तंभ चौक से १० जुलाई को महिलाओं के द्वारा शांति मार्च एवं ज्ञापन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक १३ वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुए जघन्य और शर्मनाक अपराध के विरोध में किया गया। जिसमें समस्त महिलाओं ने एकजुट होकर एक विशाल शांति मार्च निकाला और महामहिम राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पीडि़ता के लिए त्वरित न्याय की मांग की।
देश में बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को जय स्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति एकत्रित हुई। यहाँ से महिलाओं ने शांतिपूर्ण ढंग से मार्च की शुरुआत की। मार्च में शामिल महिलाओं के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर दोषियों को फांसी दो और अपराधियों पर कठोरतम कार्यवाही करो जैसे गंभीर स्लोगन लिखे हुए थे। यह आक्रोश और संवेदना से भरा प्रदर्शन जय स्तंभ चौक से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से गुजरा। यह शांति मार्च नेहरू चौक से होते हुए आंबेडकर चौक पहुंचा। जहां समाज के विभिन्न वर्गों ने भी इस आंदोलन के प्रति अपनी संवेदनशीलता और समर्थन व्यक्त किया। तत्पश्चात मार्च पुन: वापस जय स्तंभ चौक पर आकर संपन्न हुआ। मार्च के समापन पर अनुविभागीय अधिकारी वारासिवनी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार वंदना कुशराम को सौंपा गया। ज्ञापन में बताया की इस हृदयविदारक घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। देश में बेटियों की सुरक्षा के लिए अब ठोस कदम उठाए जाने अत्यंत आवश्यक हैं। भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार से मांग की गई है कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकडक़र कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए तथा महिलाओं और बालिकाओं के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट से न्याय दिलाकर सुरक्षा प्रदान करना सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही।
यह कृत्य घृणित मानसिकता का है हर व्यक्ति में डर होना चाहिए- जयश्री अरोरा
डॉ जयश्री अरोरा ने बताया कि यह जो हादसा हुआ उसके विरोध में महिलाएं अपना आक्रोश व्यक्ति करने के लिए निकली है। यह कृत्य घृणित मानसिकता का है हर व्यक्ति में डर होना चाहिए की घटना का अंजाम क्या होगा। हम लोगों के बीच में स्वस्थ मानसिकता फैलाना चाहते हैं कि किसी भी बच्चों के साथ ऐसा होता है तो समाज को साथ में होना चाहिए। आज हर व्यक्ति को दुख और संवेदना है हम यह जो परिवर्तन देख रहे हैं वह घृणित मानसिकता के कारण है क्योंकि इन्होंने ऐसी बच्ची को टारगेट किया जो अपना विरोध प्रकट नहीं कर सकती है। यह लोग सोच समझकर १० और १२ वर्ष की बच्चियों को टारगेट कर रहे हैं।
ऐसी गंदी सोच वालों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए-स्मिता जायसवाल
पूर्व नपाध्यक्ष श्रीमती स्मिता जायसवाल ने बताया कि हमने यह शांति मार्च राजस्थान में हुई दुर्घटना के विरोध में निकाला है। यह एक शर्मनाक घटना थी हम इसकी घोर निंदा करते हैं। आज हम सभी महिलाएं यहां पर एकत्रित हुई है हम उस पीडि़त परिवार के साथ है। शासन प्रशासन से मांग हैं की जल्द कार्यवाही हो आरोपियों को कठोर सजा मिले। शांति मार्च का उद्देश्य घटना पर शासन प्रशासन से त्वरित कार्यवाही करवाने के साथ हम सभी को जागरूक करना भी है कि जब तक हम अपनी माता बहनों की रक्षा के लिए कदम नहीं उठाएंगे तब तक यह होगा। ऐसी गंदी सोच वालों को सजा मिलनी चाहिए।
बाइट श्रीमती स्मिता जायसवाल पूर्व नपाध्यक्ष वारासिवनी
डॉ. जयश्री अरोरा नगरवासी










































