पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी के एक प्रतिभाशाली छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर नगर और प्रदेश का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। विद्यालय के कक्षा १२ वीं गणित संकाय अंग्रेजी माध्यम के छात्र मयंक मात्रे ने इंटरनेशनल स्पेस साइंस काम्पटीशन यानि आईएसएससी २०२६ में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर ग्रैंड विनर का खिताब अपने नाम किया है। इस अभूतपूर्व सफलता के फ लस्वरूप मयंक का चयन अमेरिका युएसए में होने वाले फ ्री नासा एजुकेशनल टूर के लिए हुआ है जिसका पूरा खर्च आयोजकों के द्वारा वहन किया जाएगा।
दो चरणों की कठिन परीक्षा में साबित किया लोहा
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता वैश्विक स्तर पर स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए ग्लोबल स्पेस साइंस कम्पटीशन जीओ४ गुरु के द्वारा आयोजित की जाती है। प्रथम चरण ८ अप्रैल २०२६ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम चरण की परीक्षा आयोजित हुई थी जिसमें देश भर से लगभग १० हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस कठिन परीक्षा में से पूरे देश में केवल १७ छात्रों का चयन अगले दौर के लिए हुआ। जिसमें मयंक मात्रे ने ऑल इंडिया स्तर पर ५वां स्थान प्राप्त किया था। द्वितीय चरण एवं फाइनल १५ मई २०२६ को इस प्रतियोगिता का अंतिम और निर्णायक चरण आयोजित किया गया। यह एक लाइव ऑनलाइन टेस्ट था जिसमें स्क्रीन शेयरिंग के माध्यम से छात्रों की तार्किक और वैज्ञानिक क्षमता की कड़ी परीक्षा ली गई। मयंक ने इस फाइनल राउंड में अपने असाधारण प्रदर्शन की बदौलत ऑल इंडिया रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर ग्रैंड विनर बनने का गौरव प्राप्त किया।
सितंबर में नासा और डिज्नी वर्ल्ड की सैर करेंगे मयंक
संभावित रूप से यह शैक्षणिक यात्रा माह सितंबर २०२६ में प्रस्तावित है। इस टूर के लिए मयंक मात्रे के पासपोर्ट और वीजा की प्रक्रिया जल्द ही पूर्ण कराई जाएगी। इस पूरी तरह से नि:शुल्क फ्री एजुकेशनल टूर के दौरान मयंक को केनेडी स्पेस सेंटर नासा में मयंक को उपग्रह अनुसंधान, उपग्रहों के परिचालन, विकास और उनकी असेंबलिंग प्रक्रिया को करीब से देखने का मौका मिलेगा। ओरलैंडो इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस विजिट में वैश्विक स्तर की शिक्षा और तकनीकी माहौल को समझने का अवसर। थीम पार्क एक्सपीरियंस और डिज्नी स्प्रिंग्स में मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभव के लिए विशेष विजिट जैसे प्रमुख केंद्रों का भ्रमण कराया जाएगा। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक , नवाचार और तकनीकी दृष्टिकोण का विकास करना तथा उन्हें आधुनिक तार्किक प्रणालियों से रूबरू कराना है। मयंक की इस जादुई सफ लता पर क्षेत्र और प्रशासनिक हलकों में हर्ष का माहौल है। मयंक की इस सफलता के पीछे संस्था के उच्च माध्यमिक शिक्षक प्रवीण राणा का उचित मार्गदर्शन और सराहनीय प्रयास रहा है। जिन्होंने प्रतियोगिता के हर मोड़ पर मयंक की तैयारी को मजबूत किया।
इन्होने ने दी मयंक मात्रे को शुभकामनायें
इस उपलब्धि पर पूर्व केबिनेट मंत्री प्रदीप जायसवाल, विधायक विवेक पटेल, पूर्व विधायक डॉ. योगेंद्र निर्मल, ओमकारसिंह बिसेन, भाजपा नेता शैलेन्द्र आहुजा,नपा अध्यक्ष सरीता मनोज दांदरे, एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ,डॉ.डी एस कुशवाह ,डॉ.रंजन शर्मा,सुरेश मिश्रा ,डीईओ अश्विनी उपाध्याय ,प्राचार्य हुमराज पटले ,श्रीमती वंदना शर्मा ,लखन रिनायत ,श्रीमती श्यामकला वडीचार ,श्रीमती भावना पटले ,श्रीमती अर्चना कानतोडे ,श्रीमती स्वाती बारमाटे ,गोविन्द चौधरी ,विजय कुमार गजभिये ,श्रीमती प्रियंका देशमुख ,श्रीमती श्यामा कातरे ,डेलेन्द्र मेश्राम ,कमल टेंभरे , अमित डोंगरे,अधिवक्ता जयप्रकाश मात्रे,मनोज दांदरे नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि, भुरेलाल मात्रे,लिखीराम मात्रे,गोरेलाल मात्रे, योगेन्द्र महेश्वरी मात्रे,छगन प्रतिभा मात्रे,दिनेश परिहार, रविन्द्र पारधी, गणेश नागेश्वर, रमेश धारनवार, अशोक मात्रे, नंदलाल तामेश्वर, अशोक मरार,राजकुमार चौधरी, बी पी पंचेश्वर, रवि पंचेश्वर, राजकुमार खैरवार,रविन्द्र रूसिया, नारायण तिवारी,राजेश परिहार, सुनील बंटी पारधी, पी सी चौहान सहित अन्य लोगो ने बधाई पे्रषित की है।
सबके सहयोग से परीक्षा में सफलता हासिल की है-मयंक मात्रे
छात्र मयंक मात्रे ने बताया की मैं सांदीपनि विद्यालय का छात्र हूँ। मेरे विज्ञान शिक्षक प्रवीण राणा सर ने मुझे इस परीक्षा आईएसएससी २०२६ की जानकारी दी थी जिसके बाद मैंने इसमें भाग लिया। जब मुझे फ ोन पर यह पता चला कि देश भर से चुने गए १७ छात्रों में मेरी ऑल इंडिया ५ वीं रैंक आई है तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद दूसरे राउंड के लाइव टेस्ट में मैंने पहली रैंक हासिल की और पूरे भारत से फ्री नासा टूर के लिए अकेले मेरा चयन हुआ। मुझे बचपन से ही स्पेस साइंस में गहरी रुचि रही है और मैं इसरो नासा से जुड़ी जानकारियों का अध्ययन करता रहा हूँ। इसी रुझान और मेरे शिक्षकों व प्राचार्य के लगातार प्रोत्साहन की वजह से आज मुझे यह ऐतिहासिक सफ लता मिली है। मैं बेहद खुश और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।










































