विधायक अनुभा मुंजारे के प्रयासों से बन रही सडक़ पर राजनीति गरमाई

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित लालबर्रा-समनापुर सडक़ के अधुरे निर्माण कार्य को लेकर अब श्रेय और जांच की राजनीति शुरू हो गई है। ग्राम पंचायत सरपंच अनीस खान ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राटसिंह सरस्वार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए उन पर व्यक्तिगत द्वेष और विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाये है। साथ ही यह भी कहा कि मार्च माह में आयोजित सामान्य सभा की बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ उनकी किसी विषय एवं विकास के मुद्दे को लेकर नोकझोंक हुई थी। इसे व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए अध्यक्ष श्री सरस्वार ने एक बैठक के लिए प्रतिबंधित करने का प्रयास किया है और जिला पंचायत सीईओ के माध्यम से पत्र भी जारी करवाये गये है। श्री खान ने इसे अध्यक्ष का व्यक्तिगत और मनमाना निर्णय करार देते हुए कहा कि ऐसी कार्यवाही से पार्टी और लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है। जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक से प्रतिबंधित करने के निर्णय की निंदा करते हुए पार्टी के उच्च पदाधिकारियों को इस मामले से अवगत करवाने की बात कही है।

लालबर्रा नगर मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से अमोली समनापुर सीमेंट सडक़ निर्माण कार्य का विवाद रूकने का नाम नही ले रहा है। ज्ञात हो कि उक्त सडक़ का निर्माण लगभग ६ वर्ष पूर्व बनकर तैयार हो चुका है किन्तु ६०० मीटर सडक़ का निर्माण विवाद के चलते नहीं हो पाया था। बालाघाट विधानसभा से श्रीमती अनुभा मुंजारे विधायक बनी तभी से स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों व पत्रकारों के द्वारा उक्त मार्ग में शेष बची सीमेंट सडक़ निर्माण पूरा करने के लिए मांग की गई थी। जिसे क्षेत्रीय विधायक अनुभा मुंजारे द्वारा गंभीरता से लेते हुए भोपाल स्तर पर मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, लोक निर्माण विभाग मंत्री व सचिवालय में अधिकारियों के समक्ष अपनी यह बात रखी। जिस पर उक्त मार्ग के निर्माण कार्य हेतु १ करोड़ ६१ हजार रूपये स्वीकृत होकर कार्य प्रारंभ किया गया। जिसका दो बार विधायक अनुभा मुंजारे, अधिकारीगण व स्थानीय जनप्रतिनिधियो के साथ निरीक्षण भी किया गया है। वहीं पांढरवानी सरपंच अनीस खान के अनुसार कुछ भाजपा नेताओ द्वारा निर्माण कार्य को रूकवाया गया था और कार्यरत साइड इंचार्ज से मारपीट गली-गलौच इत्यादि मामला भी कार्य के दौरान सामने आया था। जिसके बाद विधायक अनुभा मुंजारे के प्रयास से स्वीकृत इस मार्ग का स्वयं विधायक मुंजारे ने अपने साथियों , प्रतिनिधि के साथ निरीक्षण कर कार्य प्रारंभ करवाया था। इस बात को लेकर भाजपा नेताओ व आपत्तिकर्ताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राटसिंह सरस्वार से भेंट कर सडक़ निर्माण में सवालिया निशान लगाते हुए अपनी बात रखी। जिस पर सम्राटसिंह सरस्वर द्वारा तत्काल ही निर्माण कार्य रोकने व उच्चस्तरीय जांच करवाने मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक सर्राफ को पत्र लिखकर जांचरवाई जा रही है। अब देखना होगा की कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे द्वारा स्वीकृत कार्य की जांच कांग्रेस के ही जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राटसिंह सरस्वार करा पाने में सफल हो पाते है या नहीं। लेकिन कांग्रेस ही कांग्रेस की जॉच करवा रहे हैं जो समझ से परे है और गुटबाजी भी देखने मिल रही है। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरस्वार के शिकायती पत्र पर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक सर्राफ द्वारा दो विभागों के कार्यपालन यंत्रियों की टीम गठित कर जांच करवाई जा रही है।

पूर्व मंत्री के कार्यकाल में अधूरा रहा कार्य, विधायक मुंजारे ने दिलवाई स्वीकृति

चर्चा में सरपंच अनीस खान ने बताया कि लालबर्रा से समनापुर मार्ग का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षोंसे अधुरा पड़ा था। पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन के कार्यकाल के दौरान भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये। जिसके कारण स्थानीय जनता धूल और कीचड़ के बीच आवागमन कर रहे थे। क्षेत्रीय जनता की इस पीड़ा को देखते हुए विधायक अनुभा मुंजारे ने इस मुद्दे को भोपाल स्तर पर पूरी मजबूती से उठाया। उनके सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि इस मार्ग को स्वीकृति मिली और वर्तमान में इसका गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य जारी है। निर्माण होने से जहां एक ओर दुर्घटनाओं में कमी आयेगी, वहीं दूसरी ओर लोगों को उड़ती धूल से भी निजात मिलेगी। वहीं हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राटसिंह सरस्वार द्वारा सडक़ की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए जाने पर सरपंच श्री खान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और उन्होने कहा कि हमें जांच से कोई आपत्ति नहीं है, जांच बिल्कुल होनी चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि पिछले ६ वर्षों से जब जनता इस अधूरी सडक़ के कारण परेशान थी। तब जिला पंचायत अध्यक्ष ने कोई सार्थक प्रयास क्यों नहीं किया? अब जब कांग्रेस विधायक के प्रयासों से कार्य हो रहा है, तो उसमें दखलअंदाजी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही श्री खान ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ लोगों द्वारा इस जनकल्याणकारी कार्य का विरोध किया जा रहा है, जो विकास विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

व्यक्तिगत द्वेष का आरोप, बैठक से प्रतिबंधित करने का मामला

चर्चा में सरपंच अनीस खान ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली और अध्यक्ष के व्यवहार पर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मार्च माह में आयोजित सामान्य सभा की बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ उनकी किसी विषय एवं विकास के मुद्दों को लेकर तिखी बहस हुई थी। इसे व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय बनाते हुए मुझे जिला पंचायत की सामान्य सभा की एक बैठक से प्रतिबंधित करने का प्रयास किया गया है और जिला पंचायत सीईओ के माध्यम से पत्र भी जारी करवाये गये है। श्री खान ने बताया कि २३ अप्रैल को आयोजित बैठक में शामिल होने का एजेंडा मुझे प्राप्त हुआ था। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैठक में शामिल नही हो पाया। आगामी बैठकों में जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए अनिवार्य रूप से शामिल होगें। साथ ही यह भी बताया कि क्षेत्र की जनता विधायक अनुभा मुंजारे द्वारा करवाये जा रहे सडक़ निर्माण से बेहद खुश है और किसी भी प्रकार की राजनीति इस विकास कार्य को नही रोक पायेगी।

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