लियर। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद क्षेत्र में भारी बवाल मच गया है। टिकट कटने से नाराज समर्थकों के उग्र प्रदर्शन और आत्मदाह की कोशिशों के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा का पहला बड़ा बयान सामने आया है।मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि टिकट न देना पार्टी का शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है, इसलिए सभी कार्यकर्ता संयम बनाए रखें। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर मिट्टी का तेल या पेट्रोल डालने जैसी हरकतें करना बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि वे किसी भी सूरत में मार्ग अवरुद्ध न करें, क्योंकि पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने का एक तय तरीका होता है और इस तरह का उग्र प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।गौरतलब है कि दतिया में भाजपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे से समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और चक्काजाम शुरू हो गया। यह हंगामा शनिवार सुबह करीब 5 बजे तक, यानी लगातार 12 घंटे तक जारी रहा, जिसके कारण ग्वालियर-झांसी हाईवे पर लगभग 15 से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।
इस भारी बवाल और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए दतिया कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया है। प्रशासन द्वारा जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, रैली या जुलूस निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।










































