बालाघाट : मुख्यालय सहित गावो में जलाशयों में हुआ भुजलियो का विसर्जन !

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रक्षाबंधन पर्व के दूसरे दिन मनाया जाने वाला कजलियां का पर्व जिलेभर में हर्षोल्लास से मनाया गया। इस पर्व को कई स्थानों पर भुजलिया के नाम से भी जाना जाता है यह प्रकृति प्रेम और खुशहाली से जुड़ा पर्व है जिसका प्रचलन सदियों से चला आ रहा है।

नगर मुख्यालय सहित जिले भर में महिलाओं द्वारा परंपरा अनुसार भुजलिया को बाजे गाजे के साथ समिप के तालाब या नदियों में ले जाकर विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया तथा भुजरियों को एक दूसरे को भेंटकर आशीर्वाद लिया गया।

आपको बताये की यह पर्व अच्छी बारिश, अच्छी फसल और जीवन में सुख समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है कोरोना काल के चलते बालाघाट नगर मुख्यालय में इस पर्व का उत्साह हर वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कम देखने मिला वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े धुमधाम के साथ इस पर्व को मनाया गया।

नगर मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत कोसमी में बाजे गाजे के साथ भुजलिया एक साथ निकाली गई। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एक साथ ग्राम का भ्रमण करते हुए तालाब पहुंचे जहां भुजरियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान रास्ते में मिले मंदिरों में पूजा अर्चना भी किया गया।

बाईट – दीप्ति बंबुरे, ग्राम कोसमी

बाइट गगन नगपुरे, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत कोसमी

इसी प्रकार नगर के वार्ड नंबर 33 गायखुरी, ग्राम कनकी, गर्रा सहित अन्य ग्रामों में भी भुजलिया पर्व परंपरा अनुसार हर वर्ष की तरह धूमधाम से मनाया गया।

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