सिंधिया ने लिखा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री काे पत्र-जेयू काे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए

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राज्यसभा सदस्य ज्याेतिरादित्य सिंधिया ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री काे पत्र लिखकर जीवाजी विश्वविद्यालय काे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का अनुराेध किया है। वहीं सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान काे भी पत्र लिखा है, जिसमें जीवाजी विश्वविद्यालय में मेडिकल कालेज प्रारंभ करने का आग्रह किया गया है।

काेराेना के मरीजाें की संख्या कम हाेते ही अब जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र के विकास काे लेकर प्रयासरत हाे गए हैं। राज्यसभा सदस्य ज्याेतिरादित्य सिंधिया ने इस बार जीवाजी विश्वविद्यालय काे लेकर दाे पत्र लिखे हैं। जिसमें एक पत्र केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री काे लिखा है। इसमें उन्हाेंने बताया है कि जीवाजी विश्वविद्यालय के परिक्षेत्र में आठ जिले आते हैं। जीवाजी विश्वविद्यालय के केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाने से न केवल इन आठ जिलाें काे लाभ हाेगा, बल्कि इससे पूरे प्रदेश के छात्राें गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, नई शिक्षा नीति के अनुसार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे ग्वालियर-चंबल परिक्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक, औद्याेगिक विकास काे बल मिलेगा व छात्राें के लिए राेजगार के अत्याधिक अवसर प्राप्त हाे सकेंगे।

सिंधिया ने मेडिकल कालेज शुरू करने लिखा पत्रः राज्यसभा सदस्य ज्याेतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान काे पत्र लिखकर जीवाजी विश्वविद्यालय में मेडिकल कालेज प्रारंभ करने का अनुराेध भी किया है। जिसमेंं उन्हाेंने बताया है कि जीवाजी विश्वविद्यालय में मेडिकल कालेज के स्थापित हाेने से ग्वालियर, श्याेपुर, मुरैना, भिंड जिले के साथ ही सीमावर्ती जिले इटावा, काेटा, धाैलपुर आदि के मरीजाें काे भी लाभ मिलेगा। मेडिकल कालेज के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 82 बीघा जमीन चिन्हित की गई थी। सिंधिया ने आग्रह किया है कि इस जमीन का प्रीमियम व भू फाटक काे माफ किया जाए।

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