केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल क्षमता के बीच विशाखापत्तनम जल्द ही एक बड़े एआई हब के रूप में उभरेगा। तारलुवाड़ा में बनने वाले Google के 15 अरब डॉलर के ‘गूगल क्लाउड इंडिया एआई डेटा सेंटर’ के शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने इसे देश के डिजिटल ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘एआई सिटी’ के रूप में होगा विकास
पीटीआई/भाषा के मुताबिक मंत्री ने कहा कि यह परियोजना विशाखापत्तनम को ‘एआई सिटी’ में बदल देगी। उन्होंने इस दिशा में नरेंद्र मोदी और एन. चंद्रबाबू नायडू की दूरदर्शिता की सराहना की। उनके अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, लॉजिस्टिक्स और एविएशन जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला रही है, और यह केंद्र इन सेवाओं को और मजबूत करेगा।
परियोजना में तेजी, जल्द होगा उद्घाटन
वैष्णव ने बताया कि समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही प्रधानमंत्री इस डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे, जिससे देश की तकनीकी क्षमता को और बढ़ावा मिलेगा।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में भारत की बढ़त
उन्होंने कहा कि भारत आज आईटी सेवाओं में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन चुका है और इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर निर्माण में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश अब बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है और घरेलू मांग का लगभग 50 प्रतिशत खुद पूरा कर रहा है।
टेक कंपनियों से निर्माण बढ़ाने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने टेक कंपनियों से भारत में सर्वर, GPU और चिप्स के निर्माण को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही उन्होंने यह संदेश गूगल के सीईओ Sundar Pichai तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने विशाखापत्तनम से जुड़ने वाली समुद्री केबल के लिए भी गूगल का आभार जताया, जिससे भारत का वैश्विक कनेक्शन और मजबूत होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रहा तेजी से विकास
वैष्णव ने बताया कि आंध्र प्रदेश में रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे में तेजी से विकास हो रहा है। स्टेशन आधुनिकीकरण, रेल नेटवर्क विस्तार और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगी।












































