राजनीति में लिए गए बड़े फैसलों का असर केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी तुरंत देखने को मिलता है। आम आदमी पार्टी के बागी सांसद राघव चड्ढा(Raghav Chaddha) के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। जैसे ही उन्होंने बीजेपी (BJP) ज्वाइन करने का आधिकारिक ऐलान किया, उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल, खासकर इंस्टाग्राम (Instagram) पर फॉलोअर्स के घटने का एक सिलसिला शुरू हो गया। इसे राजनीतिक विश्लेषक जनता, विशेषकर ‘जेन-जी’ (Gen-Z) और युवाओं की तीखी प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। राघव चड्ढा के 24 घंट में 1 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स घट गए हैं।
फॉलोवर्स में बड़ी गिरावट
आंकड़ों की बात करें तो 23 अप्रैल 2026 तक राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम पर 14.6 मिलियन (1.46 करोड़) फॉलोअर्स थे। वह भारत के उन गिने-चुने राजनेताओं में शामिल हैं जिनकी सोशल मीडिया पर बहुत मजबूत पकड़ मानी जाती है। हालांकि, 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ने और बीजेपी का दामन थामने के फैसले के बाद से अब तक करीब 11 लाख (1.1 मिलियन) से ज्यादा लोगों ने उन्हें अनफॉलो कर दिया है। फिलहाल उनके फॉलोअर्स का आंकड़ा गिरकर 13.5 मिलियन के आसपास पहुंच गया है और यह गिरावट अभी भी जारी है।
क्यों कम हो गए फॉलोवर्स?
राघव चड्ढा हमेशा से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। उनकी शादी बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से होने के बाद उनकी फैन फॉलोइंग में फिल्मी फैंस का भी बड़ा हिस्सा जुड़ गया था। लेकिन जानकारों का मानना है कि जो ‘कोर समर्थक’ आम आदमी पार्टी की विचारधारा से जुड़े थे, वे राघव के इस अचानक हृदय परिवर्तन से आहत महसूस कर रहे हैं। ट्विटर और इंस्टाग्राम के कमेंट सेक्शन में लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, जिसका नतीजा ‘मास अनफॉलोइंग’ (Mass Unfollowing) के रूप में सामने आ रहा है।
किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति के लिए फॉलोअर्स की संख्या उसकी साख और लोकप्रियता का पैमाना होती है। महज 24 से 48 घंटों के भीतर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स का कम होना यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया यूजर्स अब राजनीतिक निष्ठा को बहुत गंभीरता से लेते हैं। हालांकि, राजनीति में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और उम्मीद की जा रही है कि एक बार जब राघव बीजेपी में अपनी भूमिका स्पष्ट कर देंगे, तो उनके फॉलोअर्स का ग्राफ फिर से स्थिर हो सकता है।










































