ढाका: बांग्लादेश ने मंगलवार को परमाणु ऊर्जा उत्पादन के युग में कदम रख दिया है। मंगलवार को रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में VVER-1200 रिएक्टर में ईंधन भराई का काम शुरू हो गया है यह रूस की लेटेस्ट Gen III+ प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर तकनीक है जिस पर भारत भी अपने भविष्य के परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए विचार कर रहा है जिसमें कुडनकुलम में नई यूनिट्स भी शामिल हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक राजधानी ढाका से लगभग 160 किलोमीटर दूर पाबना में स्थित इस संयंत्र की पहली यूनिट के लिए ईंधन भराई का काम किया गया है। रूस के सरकारी परमाणु निगम रोसाटॉम ने इसका निर्माण किया है। 2.4 GW क्षमता वाले इस संयंत्र का लक्ष्य देश की 10-12% बिजली की आपूर्ति करना है। पहली यूनिट को 2026 के अंत से पहले संचालन के लिए औपचारिक और कानूनी तौर पर बांग्लादेश को सौंप दिया जाएगा। इसका मतलब ये हुआ कि बांग्लादेश भारत से बिजली लेना थोड़ा कम कर सकता है लेकिन पूरी तरह नहीं।










































