E20 से पीछे हटे तो हो जाएगा हजारों करोड़ का नुकसान, सरकार को क्यों सता रहा है डर?

0

नई दिल्ली: इथेनॉल ब्लेडिंग पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज और इंजन की परफॉर्मेंस पर असर को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर गली-मोहल्ले तक बहस चल रही है। सोशल मीडिया पर गाड़ियों के पार्ट्स और इंजन को नुकसान पहुंचने की बातें फैल रही हैं। इसके चलते सरकार को अपनी इथेनॉल पॉलिसी का बचाव करना पड़ा है।ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि सरकारी बैंकों ने पिछले कुछ साल में इथेनॉल के उत्पादन और उससे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए हर साल लगभग 1 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। अगर E20 पेट्रोल से वापस E10 पेट्रोल पर जाने का कोई कदम उठाया जाता है, तो ये निवेश खतरे में पड़ सकता है।हजारों करोड़ के निवेश को खतरा

मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, “यह सच है कि इथेनॉल से कुछ गाड़ियों में माइलेज में 3-5% की कमी आ सकती है लेकिन इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि इथेनॉल से गाड़ियों के पार्ट्स खराब होते हैं। हर कुछ महीनों में एक नई अफवाह सामने आती है। रबर होज खराब होने, इंजन सीज होने और फ्यूल टैंक में जंग लगने के दावे किए गए। इनमें से कोई भी दावा वैज्ञानिक सबूतों की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here