अंकारा: तुर्की में हाल ही में हुई नाटो समिट ने दुनिया का ध्यान खींचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की से प्रतिबंध हटाने की बात कही है। अमेरिका ने तुर्की को पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर देने पर फिलहाल आखिरी फैसला नहीं लिया है। हालांकि ट्रंप की बातों से साफ है कि अमेरिका उस नीति पर पुनर्विचार कर रहा है, जिसने तुर्की के साथ रक्षा संबंधों को छह वर्षों तक प्रभावी रूप से रोके रखा है। इससे तुर्की F-35 फाइटर जेट प्रोग्राम में वापस आ सकता है। यह घटनाक्रम ना केवल नाटो और पश्चिम एशिया के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि भारत भी इस पर नजर रखेगा। पाकिस्तान के तुर्की से बढ़ते सैन्य सहयोग की वजह से भारत इस बदलाव को देखेगा।










































