मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को भोपाल में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और किसानों से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए ‘पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन शेल्टर होम में परिजनों को कम लागत पर ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी लागू की जाएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अगले पांच वर्षों में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
सरकार ने भूमि अधिग्रहण को लेकर भी अहम निर्णय लिया है। ‘फैक्टर-2’ लागू करने के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जमीन अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा मिलेगा।
शेल्टर होम के निर्माण में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चरणबद्ध तरीके से संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी, जबकि निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी संस्थाओं की होगी। परिजनों के लिए शुल्क निर्धारण एक समिति द्वारा किया जाएगा, जिससे यह व्यवस्था समाजसेवा के उद्देश्य से संचालित हो सके।
सिंचाई क्षेत्र में उज्जैन में 157 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 35 गांवों को लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा जिले के लिए पुनर्वास पैकेज के अंतर्गत 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े निवेश का निर्णय लिया गया है। सरकार अगले पांच वर्षों में कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को साइकिल वितरण के लिए 990 करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
कैबिनेट ने ‘सीएम केयर योजना 2026’ की निरंतरता को भी मंजूरी दी है, जिस पर अगले पांच वर्षों में 3628 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री शिवाजी पटेल ने दी। उन्होंने बताया कि ‘नारी शक्ति वंदन’ के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा।










































