नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अगले साल 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव आयोग के टॉप अफसरों की एक टीम इन राज्यों में जाने की तैयारी कर रही है। इस टीम के बाद फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त के इन पांचों राज्यों में दौरे शुरू होंगे। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों की यह विजिट इस महीने के अंत या अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। टीम में कौन-कौन अफसर जाएंगे। इनके नाम भी लगभग फाइनल कर लिए गए हैं।
- सूत्रों ने बताया कि चार अफसरों की यह टीम हर राज्य में जाकर वहां के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), सभी जिलों के डीएम और एसपी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों से मीटिंग करेगी।
- इसमें हर राज्य में कानून-व्यवस्था के ताजा हालातों को जानने समेत संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।
- इसमें यह भी जाना जाएगा कि राज्यों के लिए अभी कितनी ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध हैं और कितनों की जरूरत है।
- हर राज्य के सीईओ और पुलिस-प्रशासन चुनाव आयोग के इस विशेष दल के सामने अपनी प्रेजेंटेशन पेश करेंगे। पता लगाया जाएगा कि चुनाव कराने के लिए कितनी पुलिस फोर्स चाहिए होगी। जिसे यह टीम चुनाव आयोग के सुपुर्द करेगी।
चुनाव कार्यक्रम पर जल्द होगा फैसला
इस प्रेजेंटेशन को देखकर फिर मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्त के पांचों राज्यों में दौरे होंगे। जिसके बाद फिर पांचों राज्यों के लिए कब और कितने-कितने चरणों में चुनाव होने हैं। इसकी घोषणा कर दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि पांचों राज्यों में उत्तर प्रदेश और मणिपुर को छोड़ते हुए बाकी बचे तीन राज्य पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में एक-एक चरण में ही चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। जबकि उत्तर प्रदेश में बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों के पैटर्न को देखते हुए दो से तीन चरणों में चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। वह भी इसलिए क्योंकि इन पांचों राज्यों में उत्तर प्रदेश में ही सबसे अधिक 403 विधानसभा सीट हैं।






































