ब्रसेल्स: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर बयानबाजी के बाद यूरोपीय संघ ने एक और भारत विरोधी कदम उठाया है। मंगलवार को यूरोपीय संघ ने यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर प्रतिबंधों का 21वां पैकेज प्रस्तावित किया है। इसमें भारत और चीन समेत कई देशों की उन कंपनियों, वित्तीय संस्थानों, ऊर्जा नेटवर्क और सैन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को निशाना बनाया गया है जिन पर रूस के सैन्य-औद्योगिक क्षेत्र का समर्थन करने का आरोप है। भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव थोड़ा हैरान करने वाला है क्योंकि इसी साल दोनों के बीच व्यापार समझौता हुआ था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट के जरिए यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस नए पैकेज का मकसद यूक्रेन में रूस की सैन्य गतिविधियों को जारी रखने और उनके लिए फंड जुटाने की क्षमता को और कमजोर करना है। कल्लास ने कहा ‘हम एक-एक ईंट करके रूस की युद्ध-अर्थव्यवस्था की नींव को ढहा रहे हैं।’ कल्लास वही नेता हैं जिन्होंने इस्लामाबाद में पाकिस्तान में कश्मीर पर विवादित बयान देते हुए पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाए थे।










































