भोपाल: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना कांग्रेस की हार नहीं है…. यह व्यक्तिगत रूप से मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की हार है। छोटी सी चूक से उनके नेतृत्व में पार्टी जीती हुई सीट गवां बैठी है। हालांकि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी भी इसी वजह से खतरे में पड़ गई है। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। दिसंबर 2023 में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद से उन्हें लगातार झटके लग रहे हैं। बीजेपी का आरोप है कि खेल बिगाड़ने का काम कांग्रेसियों ने किया ही है।
जीतू को भनक नहीं और कांग्रेस के हाथ से चली गई राज्यसभा की सीट
राहुल गांधी की करीबी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के बाद जीतू पटवारी अपने नेताओं के साथ मिलकर विधायकों के बाड़ेबंदी में लगे थे। उनके नाक के नीचे चल रहे खेल का उन्हें अंदाजा भी नहीं था। बीजेपी स्क्रूटनी के दिन विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर के पास उस केस को लेकर पहुंच गई, जिसमें कोर्ट से मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी हुआ था। मामला हैदराबाद के एक कोर्ट से जुड़ा था। मीनाक्षी के वकील ने उस मामले में जवाब भी दिया था। रिटर्निंग ऑफिसर ने इस परिवाद के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया। जीतू पटवारी की पूरी रणनीति धरी की धरी रह गई।










































