पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरंडी का मुख्य मार्ग इन दिनों राहगीरों और ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। वारासिवनी से लालबर्रा विकासखंड को जोडऩे वाला यह शॉर्टकट मार्ग अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। करीब १ किलोमीटर लंबा यह मार्ग वर्तमान में पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। जिससे ना केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है बल्कि आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
शादी के सीजन में बड़ा ट्रैफिक जान जोखिम में डाल रहे राहगीर
यह मार्ग कटंगी रोड़ को सीधे लालबर्रा के नेवरगांव से जोड़ता है। कम दूरी होने के कारण वारासिवनी और लालबर्रा के बीच आने जाने वाले लोग इसी मार्ग को प्राथमिकता देते हैं। वर्तमान में विवाह आयोजनों का दौर होने के कारण इस बाईपास मार्ग पर ट्रैफि क का दबाव काफ ी बढ़ गया है। मार्ग पर गिट्टी उखड़ चुकी है और बडे.बड़े नुकीले पत्थर बाहर निकल आए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सडक़ की बदहाली के साथ साथ इस मार्ग पर स्थित एक छोटी पुलिया भी बड़ी समस्या बनी हुई है। पुलिया ना केवल संकरी है बल्कि क्षतिग्रस्त भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में यहाँ कई गंभीर सडक़ हादसे हो चुके हैं लेकिन प्रशासन ने इससे अब तक कोई सबक नहीं लिया है। इस मार्ग की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ आसपास के क्षेत्र में ५०० एकड़ से अधिक कृषि भूमि स्थित है। बारिश के दिनों में यह सडक़ चलने लायक नहीं बचती। पूरा मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है जिससे किसानों को अपनी उपज लाने ले जाने में भारी समस्या होती है। बरसात के चार महीनों में यहाँ का आवागमन लगभग ठप पड़ जाता है। ग्राम पंचायत सरंडी के द्वारा इस मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए जिला पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इस समस्या की सुध नहीं ली है। शासन प्रशासन की इस अनदेखी के कारण ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वर्षा ऋ तु प्रारंभ होने से पूर्व इस १ किलोमीटर के मार्ग और क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए । ताकि किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके और किसानों व आम जनता को सुगम मार्ग मिल सके।
इस मार्ग पर काफी व्यस्त यातायात बना रहता है-नरेंद्र सिंह राणा
राहगीर नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बहुत कठिनाई इस मार्ग पर है सभी रोडो का विकास हो गया है केवल यह एक रोड़ सावंगी से सरंडी के बीच बची है। इस सडक़ का महत्व इसलिए है कि यह आगे वारासिवनी लालबर्रा मार्ग को जोड़ती है। इसमें एक छोटा सा पुलिया है जो दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। तीन बार वाहन गिर चुके हैं मुश्किल से ९०० मीटर का रोड़ है यह दो पंचायत तो सहित विभिन्न ग्रामों को जोड़ता है। इस मार्ग पर काफ ी व्यस्त यातायात रहता है इसे जल्द निर्माण की जरूरत है।
मार्ग को बनाने कोई व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा नहीं की गई-रवि गौतम
ग्रामीण रवि गौतम ने बताया कि यह सरंडी से सावंगी जोडऩे वाला मार्ग है इसमें बहुत ज्यादा तकलीफ पिछले १० वर्षों से बनी हुई है। क्योंकि मार्ग का कई वर्षों से निर्माण नहीं हुआ है इस पंचायत के द्वारा भी बनाने का प्रयास किया गया किंतु अभी तक कोई व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा नहीं की गई। इस कारण अभी तक इसका निर्माण नहीं हुआ है हमारी मांग है कि जल्द यह बने। बीच में एक पुलिया है उसका भी निर्माण होना चाहिए क्योंकि यहां से जो आवक जावक होती है उसमें बहुत समस्या होती है दुर्घटनाएं होती रहती है। विवाह का दौर चल रहा है अधिकांश लोग शॉर्टकट मार्ग ढूंढते हैं मनरेगा में कुछ ऐसा नहीं है कि इस निर्माण किया जा सके। जिस कारण से मार्ग में बहुत ज्यादा गड्ढे और नुकीले पत्थर बाहर निकले हैं।
रोड़ नही बनना किसानों के लिये सबसे बड़ी समस्या है-बंटी गौतम
राहगीर बंटी गौतम ने बताया कि वारासिवनी ब्लॉक के कटंगी रोड़ से लालबर्रा ब्लॉक को जोडऩे वाला यह शॉर्टकट मार्ग है। जो लंबी दूरी हमारी बचाता है डायरेक्ट कनेक्टिविटी है इस मार्ग पर करीब ५०० एकड़ से ज्यादा खेती स्थित है। जहां पर किसानों की सबसे बड़ी समस्या यही मार्ग है बरसात में यह रोड़ बंद हो जाता है दलदल जैसी स्थिति हो जाती है। चल नहीं पाते हैं छोटा सा पुलिया है कई वर्षों से इस सडक़ का जीर्णोद्धार नहीं हुआ है पंचायत लगातार कोशिश कर रही है पर कुछ मिल नहीं रहा है। क्योंकि अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं काफ ी दिक्कत बनी हुई है यह मार्ग बन जाता है तो बहुत अच्छा होगा सभी को सुविधा होगी।










































