पाकिस्तान ने युद्धविराम के लिए अमेरिका किए थे 60 फोन, असीम मुनीर बेशर्मों की तरह कर रहे झूठा दावा, खुली पोल

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इस्लामाबाद: इस्लामिक देश पाकिस्तान 1971 की जंग में देश के दो टुकड़े करवाने के बाद भी आज तक जीत के दावे करता है। इसीलिए पाकिस्तान से सच की उम्मीद नहीं की जा सकती है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए युद्धविराम को लेकर झूठा दावा किया है। जबकि अमेरिका के Foreign Agents Registration Act (FARA) के तहत दायर अमेरिकी लॉबिंग को लेकर हुए खुलासे से साफ हो गया था कि पाकिस्तान ने 6 मई से 9 मई 2025 के बीच वाशिंगटन में राजनीतिक, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के साथ बड़े पैमाने पर बातचीत की। यह वही समय था जब भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चल रहा था। पाकिस्तान ने इस दौरान वॉशिंगटन में 60 से ज्यादा टेलीफोन किए थे।

समाचार एजेंसी ANI की तरफ से देखे गए दस्तावेजों के मुताबिक पाकिस्तान ने US सांसदों, संसद के अधिकारियों, ट्रेजरी अधिकारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों, रक्षा से जुड़े कर्मियों और पत्रकारों के साथ लगभग 60 बार बातचीत की है जो रिकॉर्ड में दर्ज है। यह बात तब सामने आई है जब रविवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने दावा किया था कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए संघर्ष के चलते नई दिल्ली ने मध्यस्थता और सीजफायर के लिए अमेरिका से संपर्क किया था।

बेशर्मों की तरफ झूठ बोलते असीम मुनीर

रावलपिंडी में जनरल हेडक्वार्टर में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए असीम मुनीर ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की रणनीति भारत की रणनीति से “बेहतर” थी। मुनीर ने कहा “भारत ने अमेरिकी नेतृत्व के माध्यम से मध्यस्थता की इच्छा व्यक्त की जिसे पाकिस्तान ने व्यापक क्षेत्रीय शांति के हित में स्वीकार कर लिया।” असीम मुनीर ने ये टिप्पणियां भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर शुरू किए जाने के लगभग एक साल बाद की।

इस बीच मुनीर ने सीजफायर और अमेरिकी मध्यस्थता के संबंध में अपना नया दावा करने से पहले भारत को निशाना बनाते हुए कई बार बयान दिए थे। पाकिस्तान ने इससे पहले कहता था कि डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थता करवाया है। जबकि FARA के तहत दायर दस्तावेज संकेत देते हैं कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को लग गया था कि भारत हमला करने वाला है। इसलिए उसने वॉशिंगटन फोन करना शुरू कर दिया था। इसके लिए उसने कई लॉबी एजेंसियों को हायर किया था और इनके जरिए ट्रंप प्रशासन से संपर्क कर रहा था।

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