सूदखोरी के जालसाज सुनील अरोरा को न्यायालय ने भेजा जेल

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। क्षेत्र में अवैध रूप से सूदखोरी का काला कारोबार करने वाले एक बड़े गिरोह के विरुद्ध वारासिवनी पुलिस ने निर्णायक कार्यवाही की है। पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य सरगना सुनील अरोरा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दस्तावेजों का भारी जखीरा बरामद किया है। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद ९ मई को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

मजबूरी का सौदा ५ से १० प्रतिशत ब्याज का जानलेवा जाल

पुलिस जांच में आरोपी की खतरनाक कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है। सुनील अरोरा ४५ वर्ष निवासी वार्ड नं. ७ लालबर्रा रोड़ सुनियोजित तरीके से मजबूर लोगों को अपना निशाना बनाता था। वह जरूरतमंदों को ५ से १० प्रतिशत जैसी अत्यधिक ऊंची मासिक ब्याज दरों पर कर्ज देता था। जब पीडित कर्ज के बोझ तले दब जाता तो आरोपी उसे डरा धमकाकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताडि़त करना शुरू कर देता था। आरोपी केवल ब्याज तक सीमित नहीं था वह पीडि़तों की मजबूरी का फ ायदा उठाकर सुरक्षा के नाम पर उनके पासवर्ड सहित एटीएम कार्ड, हस्ताक्षरित कोरे चेक और कोरे स्टांप पेपर, जमीन की रजिस्ट्री जैसे मूल दस्तावेज अवैध रूप से अपने पास रख लेता था। कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए वह इन चेकों को बैंक में डालकर चेक बाउंस के झूठे मुकदमे दर्ज कराता था। इस कानूनी दबाव में आकर कई लोग अपनी कीमती जमीनें कौडिय़ों के दाम बेचने को मजबूर हो गए जिसकी राशि भी आरोपी हड़प लेता था।

छापेमारी में जब्त हुआ दस्तावेजों का अंबार

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी के पास से बरामद सामग्री उसके अवैध साम्राज्य की गवाही दे रही है। पुलिस ने १५३ नग ब्लैंक चेक हस्ताक्षरित, १५ नग ऋण पुस्तिका और १५ नग जमीन की रजिस्ट्री, २२ नग कोरे स्टांप पेपर और ७ नग हस्ताक्षरयुक्त कोरे कागज जाति प्रमाण पत्र, दस्तावेज रेडाक्टेडए एटीएम कार्ड और एलआईसी बॉन्ड २ मोबाइल फ ोन और एक चार पहिया वाहन जप्त किया हैं।

कानूनी शिकंजा और जेल की सलाखें

वारासिवनी पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक १८३/२६ के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा ३०८ ५, ३१६,२ एवं म.प्र. ऋणियों का संरक्षण अधिनियम १९३७ की धारा ३/४ के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। ८ मई को पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी से गहन पूछताछ के बाद ९ मई को वारासिवनी न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। प्रशासन ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस सूदखोर के उत्पीडऩ का शिकार हुआ है तो वह बिना डरे पुलिस के पास आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस इस मामले में अभी और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जता रही है।

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