पुलिस थाना वारासिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत कटंगझरी के वार्ड नंबर 16 निवासी नीलम मड़ावी पर 10 मार्च को उसके पड़ोसी रामदयाल कोसरे के द्वारा कुल्हाड़ी से प्राण घातक हमला कर रिपोर्ट नही करने के लिए दबाव बनाया गया। जिसमें आदिवासी समाज के द्वारा पीड़ित के साथ पुलिस थाना वारासिवनी में पहुंचकर आरोपी वर्ग पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई। जिसमें पुलिस के द्वारा भादवि एवं एट्रोसिटी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया। फिलहाल पुलिस के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
यह है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कटंगझरी के वार्ड नंबर 16 निवासी नीलम मड़ावी और उनके पिता ज्ञानीराम मड़ावी के द्वारा ट्रैक्टर इंस्टॉलमेंट पर खरीदा गया था जिसकी किस्त समय से पटाने का कार्य किया जाता था। परंतु नीलम मड़ावी किस्त पटना भूल गया था जिसको लेकर पिता और पुत्र के मध्य ट्रैक्टर की किस्त पटाने को लेकर 10 मार्च की रात करीब 11 बजे विवाद स्वरूप चर्चा हो रही थी। जिसमें नीलम मड़ावी के द्वारा 11 मार्च को किस्त पटाने की बात कही गई इस दौरान अचानक पड़ोसी रामदयाल पिता स्वर्गीय झनकलाल कोसरे अपने घर से चिल्लाता हुआ तलवार जैसी धारदार वस्तु लेकर निकला जिसके हाथ से धारदार वस्तु को उसकी बेटी के द्वारा छीन लिया गया तो आक्रोश में रामदयाल ने धारदार हथियार के रूप में कुल्हाड़ी उठाकर नीलम मड़ावी के गर्दन पर मार दिया। जिससे गर्दन में बहुत ज्यादा कट गया था इसके बाद उनके परिवार के द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित नीलम मड़ावी को बेसुध स्थिति में शासकीय सिविल अस्पताल वारासिवनी में तत्काल लाकर उपचार कराया गया जहां पर अज्ञात कारण दर्शाकर उपचार के तुरंत बाद उसे उसके घर में लाकर रख दिया गया।
धमकी देकर रिपोर्ट नहीं करने बनाया गया दबाव
घटना में घायल नीलम मड़ावी को 11 मार्च की सुबह होश आने पर पुलिस में रिपोर्ट करने की चर्चा की गई तो रामदयाल कोसरे के परिवार के द्वारा उनके ऊपर रिपोर्ट नहीं करने के लिए जान से मारने की धमकी देते हुए दबाव बनाया गया। इसके बाद वह रिपोर्ट करने के लिए नहीं आए इसकी जानकारी ग्राम के सामाजिक बंधुओ के द्वारा समाज के पदाधिकारी को दी गई जिन्होंने बैठक आयोजित कर घटना की समस्त जानकारी लेकर आरोपी के ऊपर रिपोर्ट दर्ज करने का निर्णय किया गया। जिसके बाद 12 मार्च को आदिवासी समाज के पदाधिकारी सदस्य सहित पीड़ित पुलिस थाना वारासिवनी पहुंचे जहां पर उनके द्वारा थाना प्रभारी से मुलाकात कर घटना की जानकारी बताकर मामले में कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई। इसके बाद घायल नीलम मड़ावी को पहले से बोलने में दिक्कत हो रही थी जिसे सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस में मामले में अपराध किया कायम
पुलिस के द्वारा घटना की जानकारी लगते ही घायल का डॉक्टर मुलायजा करवाकर दोनों पिता पुत्र की बात के बीच में आकर नीलम मड़ावी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से हमला कर आदिवासी होने से जातिगत अपमानित करने वाले व्यक्ति रामदयाल पिता झनकलाल कोसरे कटंगझरी निवासी के खिलाफ पुलिस ने नीलम मड़ावी की रिपोर्ट पर भादवी की धारा 294 323 324 506 एसटीएससी अधिनियम की धारा 3 2 5ए 3 1 द 3 1 ध के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया है।
आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष भुवनसिंह कोर्राम ने पद्मेश से चर्चा में बताया कि 10 मार्च की घटना है कटंगझरी में पिता पुत्र का झगड़ा हो रहा था तो पड़ोसी कुल्हाड़ी लेकर आया और नीलम मड़ावी के गर्दन पर जानलेवा हमला कर दिया। 10 मार्च की घटना है 11 मार्च को पूरे समय पीड़ित परिवार को धमकी दी जा रही थी की रिपोर्ट करोगे तो गोली मार देंगे पैसे देकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा था जिसके कारण वह पुलिस थाना नहीं आए। यह जानकारी समाज के संज्ञान में परसराम मड़ावी के द्वारा लाई गई जिसके लिए हम इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए थाने में आए हुए हैं। हम चाहते है कि जिस प्रकार से गंभीर हमला हुआ है इसमें हमला करने वालों पर हत्या के प्रयास एवं एट्रोसिटी एक्ट के तहत कठोर कार्यवाही होना चाहिए।
घायल की पत्नी करुणा मड़ावी ने बताया कि घायल मेरा पति है मेरे पति और ससुर के बीच में ट्रैक्टर की किस्त पटाने को लेकर विवाद हो रहा था जिस पर मेरे पति ने कहा कि वह कल जाकर किस्त पता देंगे तभी बाजू वाले व्यक्ति आय और तुम कैसे रात में लड़ रहे हो यह कहते हुए तलवार लेकर आए थे जिसे उनकी बेटी ने सामने आकर छुड़ा लिया था। फिर उन्होंने कुल्हाड़ी उठाकर मार दिया रात करीब 12 बजे की यह घटना है उसके बाद उनकी बेटी धमकी दे रही है की रिपोर्ट करोगे तो गोली मार देंगे जिंदा नहीं छोड़ेंगे इलाज के लिए हम पैसे दे देंगे कहते हैं। हम आज थाने आए हैं हमें न्याय चाहिए।
ग्रामीण परसराम मड़ावी ने बताया कि रात 10 बजे करीब यह घटना होने के बाद पीड़ित एफआईआर नहीं होने पर आये तो इन्होंने बताया कि रिपोर्ट करने से उन्हें रोका जा रहा है इनके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला हुआ है जिसकी रिपोर्ट नहीं करने दे रहे हैं। तो इस प्रकार का हमारे समाज के साथ अत्याचार हो रहा है हमारा बोलने वाला कोई नहीं है हम गरीब मजदूर आदिवासी है इस प्रकार भोले भाले लोगों पर अत्याचार किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि जो भी अपराधी है उस पर कठोर कार्यवाही हो।








































