तेल अवीव: इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वो इंडिया मिडिल ईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर यानि IMEC का काम तेज करने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। इसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट से ईरान के दबदबे को कम करना और एक बाइपास मार्ग तैयार करना है। यह गलियारा खाड़ी, जॉर्डन और इजरायल के रास्ते भारत को यूरोप से जोड़ता है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इजरायल के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कॉरिडोर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ईरान के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकता है और यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है कि भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से जुड़े विचार इजरायल के सैन्य विकल्पों को सीमित न करें।
इस प्रोजेक्ट की घोषणा बाइडन प्रशासन ने 7 अक्टूबर के हमले से कुछ हफ्ते पहले की थी लेकिन गाजा में युद्ध के बाद इसमें इजरायल की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे और सऊदी अरब की हिचकिचाहट की बड़ी वजह यही है। लेकिन होर्मुज बंद होने के बाद सऊदी भी एक वैकल्पिक मार्ग चाहता है जिसने इजरायली विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के सामने एक दुर्लभ दरवाजा खोल दिया है। इजरायली अधिकारी क्षेत्रीय तनावों के बीच इस परियोजना को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं।










































