रियाद: इजरायल और अमेरिका गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान पर हवाई हमले शुरू किए तो ईरानी आर्मी की ओर से जोरदार जवाबी अटैक हुए। इससे पूरा पश्चिम एशिया युद्ध की चपेट में आ गया। अमेरिका, इजरायल और ईरान के अलावा इस लड़ाई से जो देश सीधेतौर पर प्रभावित हुए हैं। उनमें एक अहम नाम सऊदी अरब का है। सऊदी अरब ने कई दफा ईरानी हमलों का सामना किया। कई बार वह युद्ध में शामिल होने के करीब दिखा लेकिन आखिरकार इससे बचने में कामयाब रहा।
सऊदी अरब की खुफिया एजेंसी के पूर्व महानिदेशक और पूर्व राजदूत प्रिंस तुर्की अल-फैसल ने अरब न्यूज में अपने एक लेख में बताया है कि कैसे सऊदी पश्चिम एशिया की इस क्राइसिस से बचा है। फैसल का कहना है कि युद्ध के बीच सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस (वास्तविक शासक) मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने बहुत अच्छे से मुल्क को बचाया है।
ईरान युद्ध के बीच सऊदी अरब
सऊदी के जेम्स बॉन्ड कहे जाने वाले तुर्की अल-फैसल के मुताबिक, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से युद्ध छिड़ा है। इसके बाद से पूरे क्षेत्र और पश्चिमी मीडिया में असहमति की आवाजें तेज हो गई हैं। ये आवाजें सऊदी अरब के उस रुख पर सवाल उठा रही हैं। इस संघर्ष को रोकने के लिए रियाद ने शुरू में कड़ी मेहनत की थी। फिर उसे रोकने और कूटनीतिक रूप से सुलझाने के लिए जोरदार प्रयास किए।










































