पश्चिम एशिया संकट पर IGoM की बैठक, राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री हुए शामिल, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

0
  •  दिल्ली में आज पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (IGoM) की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई मंत्री शामिल हुए।मीटिंग में पश्चिम एशिया तनाव के कारण देश में उत्पन्न होने वाली कठिनाईयों पर चर्चा हुई और सामाधान तलाशने पर बात हुई।
  • मीटिंग के बाद राजनाथ सिंह क्या बोले?
  • राजनाथ सिंह ने मीटिंग की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं और आवश्यक वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता पर मौजूद जोखिमों की समीक्षा के लिए आज IGoM की पांचवीं बैठक आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और किसी भी तरह की घबराहट से बचें, क्योंकि सरकार आपूर्ति श्रृंखलाओं में कमी या बाधा को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है। वैश्विक व्यवधानों और चुनौतियों का सामना करने में देश की मदद के लिए जनता की सामूहिक भागीदारी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की अपील आत्मनिर्भरता और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यह कठिन वैश्विक परिस्थितियों के दौरान संरक्षण और बचत को लेकर प्रधानमंत्री का व्यापक संदेश है।”
  • पीएम मोदी की अपील
  • इससे एक दिन पहले रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है और उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपायों का सुझाव दिया। मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here