नई दिल्ली: बढ़ती महंगाई और बदलती दुनिया के इस भागदौड़ में किसी भी चीज के लिए वित्तीय रणनीति यानी कि फाइनेंशियल स्ट्रेटजी करनी बहुत जरूरी होती है। यह प्लानिंग बच्चों की उच्च शिक्षा, परिवार के भविष्य, घर बनाने या खरीदने, शादी समेत अन्य चीजों के लिए हो सकती है। इस दौरान निवेश और खर्च को लेकर बहुत ही ध्यान से कदम उठाना पड़ता है।
इस बीच एक व्यक्ति ने अपने बच्चे की उच्च शिक्षा को लेकर हमारे सहयोगी ईटी वेल्थ में एक्सपर्ट से एक सवाल किया है। उनका सवाल है कि बेटे की डॉक्टरी की पढ़ाई (MBBS) के लिए हर साल 21 लाख रुपये की जरूरत है, तो उन्हें इसके लिए अपने निवेश को तोड़ देना चाहिए या फिर एजुकेशन लोन लेना चाहिए? इन दोनों विकल्पों में उनके लिए क्या अच्छा होगा, आइए एक्सपर्ट से जानते हैं।
पांच वर्षों के लिए 21 लाख रुपये प्रति वर्ष की जरूरत
एक व्यक्ति ने एक्सपर्ट से पूछा, ‘मैं 48 वर्ष का हूं और अपने बेटे की निजी मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई के लिए धन जुटाने की योजना बना रहा हूं। पांच वर्षों के लिए फीस लगभग 21 लाख रुपये प्रति वर्ष है। मैं 30% कर सीमा (Tax bracket) में आता हूं और मेरे पास पर्याप्त बचत है, मेरे म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो का 90% इक्विटी में है। क्या मुझे फीस चुकाने के लिए अपने निवेश को भुनाना (रिडीम) चाहिए या एजुकेशन लोन लेना चाहिए? यदि मैं लोन का विकल्प चुनता हूं, तो किस चुकौती अवधि से अधिकतम वित्तीय लाभ मिलेगा?’









































