Exam Irregularities Protest: केंद्रीय युवा मंच (CJP) 24 अगस्त को केंद्र सरकार के आश्वासनों की समीक्षा करेगा। परीक्षा धांधली के खिलाफ नया आंदोलन शुरू करने के विकल्प खुले हैं।CJP Meeting on Centre Assurances: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक मामलों के बाद केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समीक्षा बैठक आयोजित करने जा रहा है। CJP ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के आश्वासन केवल कागजी साबित होते हैं या उन पर ठोस प्रगति नहीं दिखती है, तो उनके पास नया आंदोलन शुरू करने के सभी विकल्प खुले हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार यानी आज (24 अगस्त, 2026) अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाएगी। इस बैठक में 25 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। पार्टी ने कहा है कि सरकार ने अभी तक उन आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में औपचारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है।
CJP ने कहा कि वे वादों को पूरा कराने के लिए सभी कदम उठाने पर विचार करेंगे, जिसमें एक और शांतिपूर्ण देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की संभावना भी शामिल है। इसमें कहा गया, ‘CJP ने अच्छे इरादे से अपना आंदोलन वापस ले लिया क्योंकि सरकार ने देश के युवाओं से वादा किया था।’ साथ ही यह भी कहा गया कि वे उस अच्छे इरादे को कमजोरी समझने की गलती नहीं होने देंगे।समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु
आश्वासनों की स्थिति पर मंथन: संगठन इस बात का मूल्यांकन करेगा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक रोधी कानूनों को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
छात्र संगठनों से चर्चा: बैठक में देश भर के प्रमुख छात्र प्रतिनिधियों, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों और शिक्षाविदों से फीडबैक लिया जाएगा।
भविष्य की रणनीति: यदि समीक्षा में सरकारी कदम असंतोषजनक पाए जाते हैं, तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की नई रूपरेखा तय की जाएगी।
‘नया आंदोलन’ शुरू करने की चेतावनी क्यों?
विगत कुछ समय में NEET, UGC-NET और कई अन्य राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। इसके बाद छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।
CJP के अनुसार, छात्र समुदाय लंबे समय से सरकार के आश्वासनों के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहा है। संगठन का मानना है कि पारदर्शी और समयबद्ध परीक्षा प्रणाली ही लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकती है, और इसके लिए शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता हमेशा खुला रहेगा।
CJP ने छात्रों, युवा नागरिकों, अपने समर्थकों और वॉलंटियर्स से सोमवार की बैठक के नतीजे के लिए तैयार रहने को भी कहा।
‘FIR की लिस्ट नहीं दी गई’
ये घोषणाएं उस घटना के कुछ दिनों बाद की गईं, जब सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को देश भर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की एक कंबाइंड लिस्ट मांगी थी।
CJP ने बताया कि शीर्ष अदालत ने केंद्र से तीन बार यह लिस्ट मांगी थी ताकि वह केस रद्द करने के लिए आर्टिकल 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने पर विचार कर सके। CJP ने कहा, ‘अदालत के बार-बार लिस्ट मांगने के बावजूद, केंद्र सरकार ने इसे उपलब्ध कराने का कोई वादा नहीं किया।’
संगठन ने कहा कि कोर्ट की सुनवाई के तुरंत बाद, उसके सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने चिंता जताई कि सरकार युवा पीढ़ी को धोखा देती दिख रही है।
CJP ने किन शर्तों से साथ वापस लिया था आंदोलन?
CJP ने अपना आंदोलन इन वादों के आधार पर वापस लिया था: सभी FIR वापस लेना या रद्द करना, भविष्य में दंडात्मक कार्रवाई न करने की गारंटी, और उन NEET-UG उम्मीदवारों के परिवारों को मुआवजा देना जिन्होंने मई में पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
CJP ने यह भी कहा कि बातचीत करने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने लिखित आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी।
संगठन ने वादों को कमजोर करने, टालने, उनका गलत अर्थ निकालने या उनका सम्मान न करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि ऐसे कदमों को देश के युवाओं के साथ विश्वासघात माना जाएगा। सोमवार (24 अगस्त) को होने वाली राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में स्थिति का आकलन किया जाएगा और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
CJP ने इससे पहले 25 जुलाई को अपना आंदोलन वापस ले लिया था, जो तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही समय बाद हुआ था। इस अभियान में NEET पेपर लीक विवाद पर कार्रवाई और मारे गए पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की गई थी।










































