बीजिंग: चीन अपनी जमीनी सीमाओं और समुद्र तटों के साथ एक बड़ा रोड लिंक बना रहा है। इस प्रोजेक्ट को इकोनॉमिक डेवलपमेंट, सोशल स्टेबिलिटी और नेशनल यूनिटी को बढ़ावा देने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया है। इसमें 25,000 किमी से ज्यादा का रूट कई ऐसे इलाकों से होकर गुजरेगा, जहां बड़ी एथनिक माइनॉरिटी आबादी है। साथ ही यह भारत की सीमा के पास से भी निकलेगा। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है लेकिन जियोपॉलिटिकल और इकोलॉजिकल रिस्क पैदा करता है। इस प्रोजेक्ट में खासतौर से भारतीय सीमा के आसपास के इलाके मुश्किल का सबब बन सकते हैं।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग को यह सड़क पूरी करने के लिए मुश्किल जियोपॉलिटिकल इलाकों से गुजरना होगा। यह उन इलाकों के पास से गुजरेगा, जहां दशकों पुराने जमीनी झगड़े रहे हैं। साथ ही कमजोर इकोसिस्टम वाले ऊबड़-खाबड़ इलाकों में इकोलॉजिकल खतरों को भी चीनी सरकार को मैनेज करना होगा।










































