वन विभाग ने दो आरोपियों को दबोचा दो फरार
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। खैरलाँजी वन विभाग अंतर्गत भंडारबोड़ी सर्किल के ग्राम पिपरटोला में हुए सनसनीखेज भालू शिकार मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। विभाग ने भालू का शिकार करने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव के टुकड़े टुकड़े करने वाले चार आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों को ८ जुलाई को वारासिवनी न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फ रार हैं जिनकी तलाश में वन विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
सूअर के लिए बिछाया था करेंट चपेट में आया ९० किलो का भालू
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों के द्वारा पिपरटोला बीट के कक्ष क्रमांक ८१३ से सटी राजस्व भूमि पर जंगली सूअर का शिकार करने के उद्देश्य से बिजली का अवैध करेंट बिछाया गया था। इसी दौरान एक वयस्क नर भालू जिसका वजन लगभग ९० किलोग्राम से अधिक था इस करेंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। करेंट से भालू की मौत देख आरोपी बुरी तरह घबरा गए। कानून के शिकंजे से बचने और साक्ष्य मिटाने के इरादे से आरोपियों ने कुल्हाड़ी व धारदार हथियारों से भालू के शव को छह से सात टुकड़ों में काट दिया। इसके बाद उन्होंने भालू का सिर धड़ से अलग कर चारों पैर काट दिए और नाखूनों को भी निकाल लिया। बाद में इन टुकड़ों को पास ही स्थित कृषक जियालाल धुर्वे के खेत के कुएं में फेंक दिया।
ऐसे हुआ था सनसनीखेज मामले का खुलासा
यह पूरी घटना तब उजागर हुई जब ४ जुलाई को खेत के मालिक जियालाल धुर्वे अपने खेत पहुंचे। कुएं में किसी मृत जीव के अवशेष तैरते देख उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी डी सी वासनिक अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव की स्थिति देखकर आला अधिकारियों को अवगत कराया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर डॉग स्क्वॉड की टीम को भी मौके पर बुलाकर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए थे। डॉक्टरों की टीम के द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में भालू के शव का अंतिम संस्कार किया गया था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला दो आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम १९७२ की धारा २,९, ३९, ४८, ४९,५०,५१,५२ एवं संशोधन अधिनियम २०२२ के तहत शेड्यूल.१ की सूची क्रमांक १८ स्लॉथ बियर भालू के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया है। तफ्तीश के बाद बुधवार को वन विभाग ने दो मुख्य आरोपी सुरेंद्र पिता हरिराम गोंड उम्र ४० वर्ष निवासी पीपरटोला भंडारबोड़ी एवं छबिलाल पिता टीकाराम उइके उम्र ३८ वर्ष निवासी पीपरटोला भंडारबोड़ी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी फि लहाल फ रार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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