Maharashtra Assembly: महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक मैगजीन ‘लोकराज्य’ में कथित रूप से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और उनके भारत रत्न पदक की उल्टी (मिरर-इमेज) तस्वीरें प्रकाशित किए जाने के विरोध में गुरुवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ।
कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में उठाया मुद्दा
कांग्रेस विधायक नितिन राउत द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारे लगाए और सरकार से बयान की मांग की। आसन की ओर से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील किए जाने के बीच विपक्षी सदस्यों ने कहा कि मैगजीन में जिस तरह से महान समाज सुधारक एवं संविधान के मुख्य निर्माता को दिखाया गया है, उस पर सरकार को बयान देना चाहिए।
CM फडणवीस ने कार्रवाई का दिया भरोसा
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन को भरोसा दिलाया कि इस कथित चूक के मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ”यह एक गंभीर मामला है। हमने इस संबंध में पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं। अगले 24 घंटों में कार्रवाई की जाएगी।”
UCC के मसौदे के सात सदस्यीय समिति गठित
देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए मसौदा तैयार करने के उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।
उन्होंने विधानसभा में बताया कि समिति के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति आर. सी. चव्हाण एवं न्यायमूर्ति एस. जी. मेहरे शामिल हैं जो उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव डी. के. जैन, पूर्व महाधिवक्ता वीरेंद्र सराफ, संवैधानिक विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षाविद सुवर्णा रावल भी इसमें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति देसाई की अध्यक्षता वाली समिति संभवत: छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। फडणवीस ने कहा कि हम नागपुर में राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान इस संबंध में विधेयक पेश करने का प्रयास करेंगे।










































