नई दिल्ली: प्रभसिमरन सिंह उस समय जिम में थे जब उन्हें इस महीने के आखिर में होने वाले जिम्बॉब्वे दौरे के लिये भारतीय टी20 टीम में अपने चयन के बारे में पता चला। पटियाला के 25 वर्ष के प्रभसिमरन ने पीटीआई को बताया कि वह जिम सत्र अधूरा छोड़कर घर भागे ताकि अपने परिवार के साथ खुशी साझा कर सकें। पंजाब किंग्स के सलामी बल्लेबाज ने पिछले दो आईपीएल सत्र में 500 से ज्यादा रन बनाये थे। वह एशियाई खेल 2023 में भारतीय टीम में थे लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला। उन्हें जिम्बॉब्वे दौरे के लिये ईशान किशन के बाद दूसरे विकेटकीपर के तौर पर चुना गया जबकि संजू सैमसन टीम में जगह नहीं बना सके।
मौका मिला तो करूंगा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
प्रभसिमरन ने पीटीआई से कहा,’आप जब जीवन में लक्ष्य को हासिल करते हैं तो अच्छा लगता ही है। एशियाई खेलों का अनुभव अच्छा था लेकिन मुझे खेलने का मौका नहीं मिला था। मैं इसलिये यह नहीं बता सकता कि भारत के लिये पदार्पण करने पर कैसा लगता है। अब जिम्बॉब्वे दौरे से मैं खेले बिना लौटना नहीं चाहता। मैंने हमेशा से देश के लिये खेलने के बारे में सोचा है और मुझे टीम में बने रहना है। अगर मुझे मौका मिला तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा ताकि टीम से बाहर नहीं होना पड़े।’
युवराज सिंह से मिला ये गुरुमंत्र
पंजाब के अपने साथी खिलाड़ियों के साथ आयुवर्ग टूर्नामेंट खेल चुके प्रभसिमरन और अभिषेक शर्मा दोनों के मार्गदर्शक विश्व कप विजेता हरफनमौला युवराज सिंह रहे हैं। प्रभसिमरन ने कहा,’आईपीएल के बाद से युवी पाजी के साथ कोई सत्र नहीं हुआ लेकिन भारतीय टीम में चुने जाने के बाद मैने उन्हें फोन किया था। लंबी बात हुई। उन्होंने अपने अनुभव बताये। वह हमेशा कहते हैं कि गेंदबाज से एक कदम आगे निकलना है।’
युवराज सिंह और रिकी पॉन्टिंग को दिया सफलता का श्रेय
पंजाब किंग्स के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के योगदान के बारे में उन्होंने कहा,’दोनों अलग अलग शख्सियत हैं लेकिन सोच एक सी है। रिकी सर ने मेरी सफलता में काफी योगदान दिया। उन्होंने 2024 में मुझे बताया था कि मुझे टीम में बरकरार रखा जायेगा। उन्होंने मुझसे कहा था कि वह मुझे बेहतर खिलाड़ी बनायेंगे और उन्होंने बनाया। मैं युवी पाजी और रिकी सर दोनों का शुक्रगुजार हूं।’










































