18 टन की क्षमता की सड़क में दौड़ रहे 40 टन के वाहन

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शासन द्वारा ग्रामीण खेतों तक पहुंचने के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री सड़क योजना की सड़कों पर भारी वाहन की आवाजाही की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है, इसी तरह का एक मामला लालबर्रा तहसील ने शनिवार को सामने आया।

लालबर्रा मुख्यालय से से करीब २ किमी. दूर बालाघाट रोड़ पांगा तालाब मोड़ से मानपुर से मोहगांव धपेरा पहुंच मार्ग का प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत करोड़ो रूपयों की लागत से सीमेन्टीकरण सड़क का निर्माण किया गया है और उक्त सड़क में १५ से १८ टन के वाहन चलने की क्षमता है परन्तु ३०-४० टन के वाहन चलने के कारण सड़के खराब हो रही है।

१२ फरवरी की सुबह करीब ९ बजे बकोड़ा स्थित कृषि उपज मंडी से करीब ३०-४० टन से भरा ट्रक जो बेलगांव होते हुए लालबर्रा की ओर आ रहा था तभी बेलगांव के पास नवीन सड़क धसकने से धान से भरा ट्रक अनियंत्रित हो गया और समय रहते चालक द्वारा ट्रक को एक ही स्थान पर खड़ा नही किया जाता तो रोड़ किनारे स्थित दुकान को ट्रक चपेट में ले लेता एवं ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त भी हो सकता था। जिससे बहुत बड़ी दुर्घटना भी घटित हो सकती थी। क्योंकि बिजली के तार टूटते ही करंट फैलने से आसपास स्थित लोग भी उसकी चपेट में आ सकते थे और सड़क धसकने से पीएचई विभाग की पाईपलाईन भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है जिसके कारण ग्रामीणजनों को पानी भी नही मिला।

पदमेश न्यूज़ से मोबाइल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास विभाग बालाघाट के महाप्रबंधक अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की क्षमता १५ से १८ टन की है परन्तु शासन के द्वारा बकोड़ा कृषि उपज मंडी से धान का परिवहन किया गया है। जिनकी क्षमता अधिक होती है और क्षमता से अधिक भारी वाहन चलने के कारण सड़क खराब हो रही है, जिस स्थान पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है उसकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

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