पूर्व जिला पंचायत सदस्य डाली दमाहे के हत्याकांड मामले में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री ललित पारधी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर दोपहर से छाई रही। लोगों की जुबान पर यही रहा कि ललित पारधी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन देर शाम तक भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि नहीं की गई।
हालांकि दूसरी और विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा बालाघाट मुख्यालय के अलावा किरनापुर और लालबर्रा में ज्ञापन सौंपकर ललित पारधी को षड्यंत्र के तहत फसाए जाने तथा उन पर कार्यवाही न किए जाने की मांग की गई। साथ ही ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस द्वारा ललित पारधी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ऐसे में पुलिस के सामने ललित पारधी की गिरफ्तारी को दिखाये कि छुपाये यह समस्या खड़ी हो गई है।
आपको बताएं कि महाशिवरात्रि पर्व के दिन मां काली पाठ मंदिर से शिव बारात निकाली गई थी तथा उसी रात्रि में ग्राम गोंगलई मे करीब एक दर्जन लोगों द्वारा जाकर डाली दमाहे एवं उसके रिश्तेदार पर प्राणघातक हमला किया गया था जिसमें उपचार के दौरान डाली दमाहे की मृत्यु हो गई।
इस मामले में पुलिस द्वारा संजीव भाऊ अग्रवाल सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी मामले में बारहवे एवं मुख्य आरोपी के रूप में ललित पारधी का नाम लिया जा रहा था जिसके चलते लोधी महासभा सहित विभिन्न संगठनों द्वारा 7 मार्च को बालाघाट जिला बंद कराया गया। 8 मार्च को खैरलांजी भी बंद रहा।
बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे सोशल मीडिया पर यह जानकारी सामने आने लगी कि विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री ललित पारधी को दमोह पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है, उसके बाद यह भी जानकारी सामने आई की बालाघाट पुलिस द्वारा ललित पारधी को बालाघाट में ला लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।
बालाघाट की मीडिया द्वारा इसके बारे में पता लगाने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा इसके संबंध में कोई भी जानकारी बाहर तक नहीं जाने दिया गया। हालांकि विश्वस्त सूत्रों से यह जानकारी आती रही की ललित पारधी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शाम को करीब 5 बजे विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उनके द्वारा कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर ललित पारधी पर किसी प्रकार की कार्यवाही न किए जाने की मांग की गई। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि ललित पारधी को किसी के द्वारा षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है जबकि डाली दमाहे द्वारा ललित पारधी का नाम नहीं लिया गया है।
वही इसके संबंध में चर्चा करने पर एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी ने विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री ललित पारधी की गिरफ्तारी होने से साफ इंकार करते हुये बताया कि ऐसी कोई गिरफ्तारी पुलिस द्वारा नहीं की गई है, यह सब सोशल मीडिया पर ही चल रहा है।
तो सवाल यह खड़ा होता है कि जब विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी बालाघाट से लेकर लालबर्रा, किरनापुर मैं प्रांतीय मंत्री ललित पारधी की गिरफ्तारी के विरोध में ज्ञापन सोते हैं और उन्हें झूठे प्रकरण में ना फंसाने की बात करते हुए जन आंदोलन की चेतावनी तक देते हैं।
तो फिर पुलिस क्यों पूरे मामले से बचते हुए ललित पारधी की गिरफ्तारी की बात छुपा रही है यह बात पूरी तरह पहेली की तरह बन गई है आखिरकार ललित पारधी है कहां पर क्या पुलिस की गिरफ्त में है यदि नहीं तो फिर क्यों विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी प्रशासन को उन्हें झूठे आरोप में फंसाने की बात कहते हुए ज्ञापन सौंपा गया।
क्योंकि इस बात की पुष्टि स्वयं सोशल मीडिया का वह पत्र कर रहा है। जिसमें विश्व हिंदू परिषद के प्रांत विभाग संयोजक का लिखा हुआ पत्र जिसमे इस बात की जानकारी दी गई है कि 8 तारीख को कैसे पुलिस नरसिंहपुर से प्रांतीय मंत्री ललित पारधी को गिरफ्तार करके ले गई।
पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया विभाग संयोजक द्वारा प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान से ललित पारधी की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की बात कह रही है।
उसके बाद बालाघाट जिले की बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा अलग-अलग स्थानों पर शासन को ज्ञापन सौंपा गया










































