गंदगी से बजबजा रहा नवीन राजाभोज जैविक एवं प्राकृतिक कृषि उपज मंडी काम्पलेक्स

0

नगर मुख्यालय के हाई स्कूल मार्ग के वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति के सामने करोड़ों रूपयों की लागत से राजाभोज जैविक एवं प्राकृतिक कृषि उपज मंडी काम्पलेक्स का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण भी हो चुका है परन्तु वर्तमान समय तक मंडी प्रशासन को ठेकेदार के द्वारा हेंडवर्क नही किया गया है जिसके कारण नीलामी की प्रक्रिया नही हो पाई है और नीलामी के पूर्व ही काम्पलेक्स परिसर में देख-रेख के अभाव में गंदगी का अंबार लगाने के साथ ही कुछ कमरों में टूट-फुट (क्षतिग्रस्त) भी होने लगी है परन्तु जिम्मेदारों के द्वारा इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है जिससे ऐसा लग रहा है कि करोड़ों रूपये की लागत से निर्मित राजाभोज जैविक एवं प्राकृतिक कृषि उपज मंडी काम्पलेक्स में बने ९६ कमरे औचित्यहीन साबित हो रहे है। वहीं हाई स्कूल मार्ग पर जिन लोगों ने जल संसाधन विभाग की जमीन पर कब्जा कर दुकाने बनाये थे उन्हे विगत माह पूर्व प्रशासन के द्वाराअतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई थी जिसके बाद से उक्त दुकानदार बेरोजगार हो चुके है जिन्होने शासन-प्रशासन से मंडी काम्पलेक्स में बने कमरों को अस्थाई रूप किराये पर देने की मांग शासन-प्रशासन से की है ताकि रोजगार उपलब्ध कर सके।

आपको बता दें कि क्षेत्रीय विधायक, वर्तमान पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन के द्वारा मंत्री पद पर रहते हुए करोड़ों रूपयों की लागत से बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए मंडी काम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया था जिसका निर्माण कार्य पुर्ण होने के बाद विगत माह पूर्व लोकार्पण भी कर दिया गया है परन्तु मंडी प्रशासन को भवन हेंडवर्क नही किया गया व नीलामी नही होने के कारण देख-रेख के अभाव में गंदगी फैलने के साथ ही कुछ स्थानों से टूट-फुट भी होने लगी रही है जिससे ऐसा लग रहा है कि शासन की करोड़ों रूपयों की राशि व्यर्थ में बहती नजर आ रही है। करोड़ों रूपयों की लागत से निर्मित काम्पलेक्स का नाम राजा भोज जैविक/प्राकृतिक कृषि उपज काम्प्लेक्स दिया गया है और समय रहते काम्पलेक्स में बने कमरों की नीलामी की जाती है तो अतिक्रमण कार्यवाही के दौरान जिन लोगों की दुकाने टुटी है उन्हे कमरा मिल जायेगा परन्तु इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। जबकि हाई स्कूल मार्ग पर जिन लोगों की अतिक्रमण कार्यवाही के दौरान दुकाने तोड़ी गई है वे बेरोजगार हो चुके है उनके द्वारा क्षेत्रीय विधायक व प्रशासन से मंडी काम्पलेक्स में बने कमरों को काम्पलेक्स बनते तक अस्थाई रूप से दिये जाने की गुहार भी लगा चुके है परन्तु इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। अगर मंडी काम्पलेक्स में बने कमरों की नीलामी होने के साथ ही किराया पर दिया जाता है तो उसकी देख-रेख होने के साथ ही साफ-सफाई भी रहेगी और गंदगी का अंबार नही लगेगा एवं जो टूट-फुट हो रही है उस पर रोक भी लगेगी। स्थानीय दुकानदारों ने शासन-प्रशासन से राजा भोज जैविक/प्राकृतिक कृषि उपज मंडी काम्पलेक्स में बने कमरों की नीलामी कर कमरे दिये जाने की मांग की है।

दुकानदारों ने की मंडी काम्पलेक्स में अस्थाई दुकान देने की मांग की

प्रशासन के द्वारा विगत माह पूर्व हाई स्कूल, सर्राटी पुल मानपुर से अहिंसा द्वार, बस स्टैण्ड में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई थी और हाई स्कूल मार्ग पर जिन लोगों ने जल संसाधन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकाने बनाये थे उन्हे नोटिस जारी कर करीब २ दर्जन दुकानों को तोड़ा गया था जिसके बाद काम्प्लेक्स का निर्माण कर दुकाने देने की बात क्षेत्रीय विधायक गौरीशंकर बिसेन के द्वारा कही गई थी परन्तु वर्तमान समय तक काम्पलेक्स का निर्माण कार्य शुरू तक नही हुआ है। वहीं दुकानदारों को व्यापार करने के लिए कमरे नही मिलने के कारण वे चिलचिलाती गर्मी भरी धूप में त्रिपाल बांधकर अपने पुराने स्थान पर दुकान लगाकर व्यापार कर रहे है जिन्हे गर्मी व तेज धूप लगने के कारण परेशानी होने के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। हाई स्कूल मार्ग पर जिन दुकानदारों की दुकाने तोड़ी गई है उन दुकानदारों ने शासन-प्रशासन से मंडी काम्पलेक्स में अस्थाई रूप से दुकाने आबंटित किये जाने की मांग की है ताकि व्यापार कर परिवार का पालन-पोषण कर सके।

दुकानदार रवि अग्रवाल ने बताया की करोड़ों रूपयों की लागत से मंडी काम्पलेक्स में ९६ कमरे बने है जिसे बने डेढ़ वर्ष हो चुका है जिसका लोकार्पण भी कर दिया गया है और अतिक्रमण कार्यवाही के दौरान ७० दुकाने तोड़ी गई है जिसके बाद दुकानदारों ने क्षेत्रीय विधायक गौरीशंकर बिसेन से मंडी काम्पलेक्स में अस्थाई रूप से दुकाने देने की मांग किये थे परन्तु उन्होने दुकानदारों की मांगों को नही माने और अतिक्रमण कार्यवाही के बाद से लालबर्रा बदनुमा दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी बताया कि अतिक्रमण कार्यवाही के बाद सड़क व काम्पलेक्स का निर्माण किये जाने की बात भी कही गई थी परन्तु जमीनी स्तर पर कोई कार्य दिखाई नही दे रहा है जबकि क्षेत्रीय विधायक ने कहा था कि १ इंच तोड़े है तो २ इंच दूगा, हम उनसे पूछना चाहते है कि कब दोगें। श्री अग्रवाल ने बताया कि करोड़ों रूपयों की लागत से मंडी काम्पलेक्स का निर्माण किया गया है परन्तु देख-रेख नही होने के कारण आवारा मवेशी घुमते रहते है, आसपास कचरा फेंका जा रहा है एवं टुट-फुट भी हो रही है जिससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है इसलिए शासन-प्रशासन से मांग है कमरों की नीलामी प्रक्रिया पूर्ण कर जिन लोगों की दुकाने तोड़ी गई है उन्हे अस्थाई रूप से मंडी काम्पलेक्स में कमरा दिया जाये ताकि लोगों को रोजगार मिल सके।

दूरभाष पर चर्चा में कृषि उपज मंडी लालबर्रा के सचिव युवराज ठाकरे ने बताया कि राजाभोज जैविक/प्राकृतिक कृषि उपज मंडी काम्पलेक्स का निर्माण किया गया है परन्तु कुछ निर्माण कार्य अधुरा है जिसे ठेकेदार के द्वारा पूरा करने के बाद मंडी प्रशासन को हेंडवर्क नही किया गया है इसलिए देख-रेख की जवाबदारी ठेकेदार की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here