पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वन विभाग दक्षिण सामान्य वन मंडल के वन परिक्षेत्र वारासिवनी कार्यालय के द्वारा अवैध लकड़ी चिरान के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्यवाही अमल में लाई गई है। विभाग की टीम ने नगर के खंडवा मार्ग स्थित दो आरा मिलों को सील कर दिया है। वन विभाग की इस औचक दबिश और तालाबंदी के बाद से क्षेत्र के अन्य आरा मिल संचालकों और लकड़ी माफि याओं में भारी हडक़ंप का माहौल देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों को मिली थी गुप्त शिकायत
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और वन्य प्राणियों के शिकार को रोकने के लिए विभाग के द्वारा लगातार गश्त बढ़ा दी गई है। इसी मुस्तैदी के बीच वरिष्ठ अधिकारियों को एक पुख्ता शिकायत मिली थी कि नगर की दो आरा मिलों में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं और बिना वैध अनुमति के लकड़ीयों की चिराई का काम धड़ल्ले से चल रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर और रेंजर छत्रपाल सिंह जादौन के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व डिप्टी रेंजर ताराचंद डोंगरे ने किया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से नगर के कटंगी मार्ग से ग्राम खंडवा की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित उच्च स्तरीय पुल के पास संचालित आरा मशीनों पर अचानक दबिश दी। कार्यवाही के दौरान हरीश पार्वे और परेश पार्वे की आरा मिलों में मशीनें चालू थीं और लकडीय़ों के ल_ों को चिरान पट्टियों साइज में बदलने का काम जोरों पर चल रहा था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर तुरंत सभी गतिविधियों को रुकवाया और वहां काम कर रहे कर्मचारियों व उपस्थित लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों ने जब मिल परिसर में रखी लकडीय़ों और उनके परिवहन भंडारण से जुड़े वैध दस्तावेज टी पी आदि मांगे तो संचालक या उपस्थित जन कोई भी कानूनी कागज पेश नहीं कर पाए। दस्तावेज नही मिलने और मामला पूरी तरह अवैध पाए जाने पर वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए दोनों दो आरा मिलों को सांकल से बांधकर ताला जड़ दिया और सील.चपड़ा लगाकर उन्हें पूरी तरह सील कर दिया। मौके पर ही गवाहों के समक्ष पंचनामा की कार्यवाही भी पूरी की गई।
आँजन और सतकट्टा प्रजाति की कीमती लकड़ी जब्त
निरीक्षण के दौरान वन विभाग की टीम ने मौके पर पड़े लकड़ी के ल_ों की बारीकी से पहचान की। जांच में पाया गया कि जब्त की गई लकडीय़ां आँजन और सतकट्टा प्रजाति की हैं। हरीश पार्वे की आरा मिल से लगभग ०.४१५ घन मीटर अवैध लकड़ी ,परेश पार्वे की आरा मिल से लगभग ०.४८० घन मीटर अवैध लकड़ी जब्त की गई। विशेष बात यह है कि जब्त की गई इस भारी मात्रा में लकड़ी को वन विभाग के डिपो में नहीं लाया गया है। बल्कि कानूनी प्रकिया या के तहत उन्हें फि लहाल मौके पर ही सुरक्षित रख दिया गया है। इस पूरे मामले में वन विभाग के द्वारा मध्य प्रदेश कास्ट चिरान विनियमन अधिनियम १९८४ की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह का अवैध कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी। इस सफल और सराहनीय कार्यवाही में डिप्टी रेंजर ताराचंद डोंगरे के साथ भवानी बिसेन, हिरकन हटेवार, इंदु डायरे और आलोक पटले शामिल रहे। जिनकी भूमिका बेहद सराहनीय रही।










































