India Food Services Market : भारत का फूड सर्विसेज (Food Services) बाजार आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने वाला है। रेडसीर कंसल्टिंग (Redseer Consulting) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 (FY26) में करीब 90 अरब डॉलर का यह बाजार वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक बढ़कर करीब 150 अरब डॉलर का हो जाएगा। इस दौरान ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की भूमिका भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। रिपोर्ट के अनुसार, बदलती जीवनशैली, लोगों की बढ़ती आय और सुविधा को प्राथमिकता देने की आदत इस तेजी की सबसे बड़ी वजह होगी।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी की हिस्सेदारी होगी 18%
रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में भारत के कुल फूड सर्विसेज बाजार में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत है, जो FY31 तक बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। पिछले कुछ वर्षों में लोगों ने घर बैठे खाना ऑर्डर करना काफी पसंद किया है और आने वाले समय में यह ट्रेंड और तेज़ होने की उम्मीद है। इससे ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
पांच साल में बाजार ने दिखाई मजबूत बढ़त
रिपोर्ट बताती है कि पिछले पांच वर्षों में भारत का फूड सर्विसेज बाजार (Indian food industry) लगातार बढ़ा है। FY21 में इसका आकार करीब 56 अरब डॉलर था, जो FY26 तक बढ़कर करीब 90 अरब डॉलर हो गया। इसी अवधि में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की हिस्सेदारी भी 4 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे साफ है कि भारतीय उपभोक्ता तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खाना मंगाने की ओर बढ़ रहे हैं।
बदलती जीवनशैली से बढ़ रही बाहर खाने की आदत
रिपोर्ट के अनुसार, खासकर मेट्रो और टियर-1 शहरों के युवा अब केवल सुविधा के लिए ही नहीं, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने, पार्टी करने और छोटे-बड़े जश्न मनाने के लिए भी बाहर खाना पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा लोगों का मनोरंजन और सुविधाओं पर खर्च बढ़ने से भी होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में खाने की मांग लगातार बढ़ रही है।
संगठित कंपनियों के लिए बड़ा मौका
एएनआई के मुताबिक फूड सर्विसेज बाजार में संगठित (ऑर्गेनाइज्ड) कंपनियों की हिस्सेदारी फिलहाल 45 से 50 प्रतिशत के बीच है और आने वाले वर्षों में यह हिस्सा और तेजी से बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में करीब 1,000 से 1,500 संगठित फूड सर्विस कंपनियां मौजूद हैं, लेकिन इनमें से केवल करीब 2 प्रतिशत कंपनियों का सालाना कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, करीब 89 से 90 प्रतिशत कंपनियों का सालाना कारोबार 50 करोड़ रुपये से कम है, जबकि 7 से 8 प्रतिशत कंपनियां 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपये के बीच कारोबार करती हैं। इससे साफ है कि इस सेक्टर में आगे बढ़ने और विस्तार की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
मेट्रो शहरों में तेजी से बढ़े ऑनलाइन ऑर्डर
रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो शहरों में ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऑर्डर में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। FY21 में जहां करीब 30 करोड़ फूड डिलीवरी ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं FY26 तक यह संख्या बढ़कर करीबी 106 करोड़ पहुंच गई। इससे पता चलता है कि लोग पहले की तुलना में कहीं अधिक संख्या में ऑनलाइन खाना ऑर्डर कर रहे हैं।
स्नैक्स और प्रीमियम बेवरेज बनेंगे ग्रोथ इंजन
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में स्नैक्स, डेजर्ट और बेवरेज (पेय पदार्थ) फूड सर्विस कंपनियों के लिए सबसे तेजी से बढ़ने वाले कारोबार बन सकते हैं। शेक, जूस और केक जैसी चीजें ऑनलाइन डिलीवरी के लिए काफी उपयुक्त हैं, इसलिए इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं, बेवरेज कैटेगरी में प्रीमियम चाय और कॉफी सबसे तेजी से बढ़ने वाले उत्पाद हैं। प्रीमियम ब्रांड्स को बेहतर मुनाफा मिलने के साथ-साथ उनके स्टोर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुल मिलाकर, बदलती उपभोक्ता पसंद और ऑनलाइन फूड डिलीवरी के विस्तार के चलते भारत का फूड सर्विसेज सेक्टर आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है।










































