‘भारत पाकिस्‍तान से लड़ रहा हाइड्रो वॉर’, सिंधु संधि पर बिलावल की करीबी पाकिस्तानी सांसद मैदान में कूदीं, दी धमकी

0

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और भारत के बीच नदियों के पानी के बंटवारे का मुद्दा गरम है। इसकी वजह बीते साल पहलगाम हमले के बाद भारत का सिंधु जल संधि को निलंबित कर देना है। इस फैसले पर पाकिस्तान ने लगातार आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया है। पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और दूसरे नेताओं के बाद अब सीनेटर (पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन की सदस्य) शेरी रहमान ने इस मुद्दे को एक ‘जंग’ करार दिया है। उन्होंने इस मुद्दे पर सारा दोष भारत पर मढ़ते हुए पाकिस्तान को पीड़ित पक्ष कहा है।

पाकिस्तानी सीनेटर की जलवायु संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष और पूर्व क्लाइमेट मिनिस्टर शेरी रहमान ने ‘पाकिस्तान पर भारत का हाइड्रो वॉर पार्ट-1’ शीर्षक से जियो टीवी पर लेख लिखा है। वह कहती हैं कि पाकिस्तान की नदियों को लेकर एक जंग छिड़ी हुई है। यह जंग बांधों, पानी का रास्ता बदलने, डेटा ना देने और एकतरफा घोषणाओं के जरिए लड़ी जा रही है। उस कानूनी ढांचे को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है, जिसका दोनों देशों ने 65 सालों तक सम्मान किया।

‘IWT एक शानदार समझौता’

बिलावल भुट्टो की पार्टी पीपीपी की नेता शेरी कहती हैं कि सिंधु जल संधि सटीक तकनीकी सीमा-पार जल समझौतों में से एक है। इसने सिंधु बेसिन की छह नदियों को साफ-साफ बांटा था। तीन पूर्वी नदियां- रावी, ब्यास और सतलुज भारत को जबकि तीन पश्चिमी नदियां- सिंधु, झेलम और चिनाब पाकिस्तान को मिलीं। इसके अनुच्छेद III में किसी भी तरह के भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है। भारत पश्चिमी नदियों का पानी बहने देने के लिए बाध्य है लेकिन अप्रैल 2025 में भारत ने घोषणा कर दी कि वह इससे बाहर निकल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here