बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के लालबर्रा विकासखंड अंतर्गत वनग्राम नवेगांव, चिखलाबड्डी और सोनवानी से विस्थापित किए गए ग्रामीणों ने शनिवार को बाघ कॉलोनी स्थित शासकीय कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि शासन की योजना के तहत पुराने निवास स्थान से विस्थापित कर उन्हें नए स्थान पर बसाया गया, लेकिन विस्थापन के दौरान जिन मूलभूत सुविधाओं का भरोसा दिलाया गया था, उनमें से कई सुविधाएं अब तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। सड़क, बिजली और सबसे बड़ी समस्या पेयजल की बनी हुई है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीण ज्ञानसिंह धुर्वे ने बताया कि सोनवानी कंजर्वेशन के विस्तार के लिए वनग्रामों के परिवारों को शासन की योजना के तहत विस्थापित किया गया था। विस्थापन के समय ग्रामीणों को नए स्थान पर बेहतर जीवन-यापन के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में कई सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उनका कहना है कि पुनर्वास स्थल पर सड़क की स्थिति पर्याप्त नहीं है, बिजली की समस्या बनी रहती है और पेयजल की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सबसे गंभीर स्थिति पेयजल को लेकर है। उन्हें पर्याप्त और शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी की गुणवत्ता को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पेयजल व्यवस्था सुधारने और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। विधायक अनुभा मुंजारे के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि पुराने गांव से विस्थापित होकर उन्होंने शासन के भरोसे पर नए स्थान पर अपना जीवन शुरू किया है। ऐसे में पुनर्वास स्थल पर आवश्यक सुविधाओं का अभाव उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की कि वे संबंधित विभागों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराकर जल्द से जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल करें। विधायक अनुभा मुंजारे ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजना के तहत सोनवानी कंजर्वेशन के विस्तार के लिए वनग्राम नवेगांव, चिखलाबड्डी और सोनवानी के परिवारों को विस्थापित किया गया है। विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 27 परिवारों को लगभग एक वर्ष पहले ग्राम पंचायत साल्हे (ला.) में जीवन-यापन के लिए बसाया गया था। ग्रामीणों द्वारा लगातार मूलभूत सुविधाओं की कमी की समस्या सामने रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास के बाद ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि उन्हें नए स्थान पर जीवन-यापन में किसी तरह की परेशानी न हो। जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, बिजली और पानी की समस्याओं को प्रमुखता से विधायक के सामने रखा। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से आवागमन प्रभावित होता है। बिजली की व्यवस्था को लेकर भी परेशानी है, जबकि पेयजल की समस्या सबसे अधिक गंभीर है। इन समस्याओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य परिवारों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक अनुभा मुंजारे ने संबंधित अधिकारी से दूरभाष पर चर्चा की और समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीणों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता में रखते हुए मौके की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से पेयजल की समस्या का समाधान जल्द कराने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने शासन की योजना के तहत अपने वर्षों पुराने निवास स्थान को छोड़कर पुनर्वास स्थल पर नई जिंदगी शुरू की है। ऐसे में उन्हें वहां सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन-यापन के लिए सड़क, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलना जरूरी है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जनदर्शन में समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग सक्रिय होकर जल्द कार्रवाई करेगा और पुनर्वास स्थल की सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की कि केवल अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय सड़क, बिजली और पेयजल की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि विस्थापन के बाद उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए बार-बार प्रशासन के चक्कर न लगाने पड़ें।










































