एक ऐसे परिवार से आने वाले जिसका म्यूजिक से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था, मनराज वीर ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उनका संगीत उन्हें इतनी दूर तक ले आएगा। ‘इंडियन आइडल’ के सीजन 16 में चमके इस दिल्ली के लड़के ने ऐसी धूम मचाई कि आज वह टॉप 6 में हैं। लेकिन उनके लिए यह सफर कभी आसान नहीं रहा। मनराज वीर ने ‘नवभारत टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में अपने सफर, सपनों और परिवार के सपोर्ट के बारे में बात की।
‘इंडियन आइडल 16’ के सफर पर मनराज बोले, ‘मैं सीजन 12 से ऑडिशन दे रहा हूं, लेकिन हर बार रिजेक्ट हुआ। मुझे जहां तक याद है, मैं तब कॉलेज में था जब मैंने सबसे पहला ऑडिशन दिया था। उस समय मैंने एक क्लासिकल गाना गाया। सबसे पहली बात तो मैं ट्रेन्ड नहीं हुआ क्लासिकल में। तो जब मैं ‘इंडियन आइडल’ जैसे स्टेज पर क्लासिकल गाऊंगा, जिसे मैंने कभी सीखा नहीं, तो ज़ाहिर है सुनने वाले एक्सपर्ट्स को लगेगा ही कि यह गलत गा रहा है। तब मुझे एहसास हुआ कि ऐसी चीज जो आपने कभी नहीं सीखी उसे इतने बड़े स्टेज पर आजमाओगे तो आप बाहर हो ही जाओगे। इसलिए इस बार मैंने केके का ‘फिरता रहूं दर-ब-दर’ गाया और वही किया जो मैं करता आया हूं।’










































