अखिल भारतीय अन्नदाता किसान संगठन वारासिवनी के द्वारा 1 सितंबर को मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल के नाम का ज्ञापन एसडीएम कामनी ठाकुर को सौंप कर सेवा सहकारी समितियां के माध्यम से यूरिया खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग की गई। संगठन पदाधिकारी ने ज्ञापन में बताया कि सेवा सहकारी समिति मैं पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है ऐसे में वह सोसाइटी में ताला लगाकर हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे किसानों को यूरिया व अन्य खाद उचित समय पर नहीं मिल पा रहा है यदि आगामी 5 से 8 दिन के अंदर यूरिया व अन्य खाद समय पर किसनो को उपलब्ध नहीं हुआ तो किसानों की हल्की व भारी अवधि की धान में अत्यधिक प्रभाव पड़ेगा। जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा ऐसे में किसान चिंतित है कि वह अब क्या करें जिसके लिए किसान की समस्या को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सेवा सहकारी समितियां या अन्य कर्मचारियों के माध्यम से कराए जाने और किसानों को यूरिया व खाद देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अखिल भारतीय अन्नदाता किसान संगठन के द्वारा मांग की जा रही है। यदि किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष मुरली मनोहर श्रीवास्तव केंद्रीय सहसचिव संदेश बिसेन जिला उपाध्यक्ष लिखन लाल बैस कोमलचंद लिल्हारे सहित बड़ी संख्या में कृषकगण मौजूद रहे।
केंद्रीय सहसचिव संदेश बिसेन ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने सेवा सहकारी समिति के अधिकारी कर्मचारियों की मांगों को पूर्ण नहीं किया है जिसको लेकर वह हड़ताल पर है। ऐसे में किसानों को बहुत समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि सभी किसानों के द्वारा फसल लगा दी गई है उसमें यूरिया व अन्य खाद की नितांत आवश्यकता बनी हुई है। यदि फसल को यह खाद समय रहते उपलब्ध नहीं हुई तो उसमें नुकसानी किसान को झेलना पड़ेगा। श्री बिसेन ने बताया कि 6 से 7 दिन में यूरिया डालना जरूरी है यदि नहीं डालेंगे तो आगे और ज्यादा दिक्कत किसान को होगी और शायद बड़ी नुकसानी भी उसे उठाना पड़े। जिसके लिए मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम को दिया है।
जिला उपाध्यक्ष लिखनलाल बैस ने बताया कि हमारी मांगे है की सेवा सहकारी समिति के कर्मचारी अधिकारी जो हड़ताल पर है ऐसे में किस को यूरिया सल्फर पोटाश वह अन्य फर्टिलाइजर जो आवश्यक है वह कुछ भी नहीं मिल पा रहा है। जिसका उपयोग किसानो के लिए बहुत जरूरी है यदि इसका उपयोग किसान ने नहीं किया तो उसे नुकसान होगा श्री बैस ने बताया कि जब अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर है तो शासन को ईश्वर ध्यान देकर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए थी ताकि किसान को नुकसान ना हो। जबकि अभी खेती का समय है ऐसे में फर्टिलाइजर की जरूरत आम बात है जो शासन जल्द उपलब्ध करवाई अन्यथा संगठन के माध्यम से उग्र आंदोलन होगा।
कृषक कोमल चंद लिल्हारे ने बताया कि अन्नदाता किसान संगठन के तहत हम अपनी व अपने जैसे अनेकों किसानों की समस्या को रखने के लिए आए थे और मांग करने आए थे कि कर्मचारी आंदोलन पर है तो प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था करें। किंतु शासन ने ऐसा कुछ वर्तमान तक नहीं किया है जो उन्हें करना चाहिए था। श्री लिल्हारे ने बताया कि इस समस्या के कारण किसान को भटकना पड़ रहा है क्योंकि सभी किसान समिति से ऋण पर खाद लेते हैं। नकद में महंगा खाद है परंतु उसके लिए रुपए भी तो होना चाहिए जो किसान के पास नहीं है जबकि सोडा पौधे को गर्भावस्था में जरूरी होती है यदि यह हमें नहीं मिला तो हम बर्बाद होगे।










































