इससे संबंधित विभाग की मजबूरी कहें या भारी लापरवाही की 1997 में प्राथमिक शाला में पदस्थ किए गए एक गुरूजी क़ो पदस्थापना से लेकर आज तक प्राथमिक शाला से स्थानांतरित नहीं किया गया है. जबकि ग्रामीण और स्वयं गुरुजी कई बार उनके स्थानातरण की गुहार लगा चुके हैं. लेकिन उनका ट्रांसफर किसी अन्य स्थान पर नहीं किया जा रहा है. ताजा मामला धनसुआ प्राथमिक शाला के अंतर्गत आने वाले गठिया टोला का है.जहां कक्षा पहली से कक्षा पांचवी तक की कक्षाओं का संचालन किया जाता है. सन 1997 में वहां चंद्रलाल हरेन्द्रवार नामक एक गुरुजी को पदस्थ किया गया था.लेकिन एक ही स्कूल में कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उनका स्थानातरण दूसरे स्कूल में नहीं किया गया है. गुरुजी के अनुसार अब ग्रामीण उन पर जादू टोने का आरोप लगाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं.वहीं उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है. जिन्होंने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में एक बार फिर ज्ञापन सौंपकर उनका स्थानांतरण किए जाने की मांग की है.










































